PARIDHI BREAKING….लंच टाईम में 1 किमी दूर मंदिर में प्रसादी खाई, वापस आकर स्कूल के पीछे लगा ली फांसी
✓लंच टाईम में 1 किमी दूर मंदिर में प्रसादी खाई, वापस आकर स्कूल के पीछे लगा ली फांसी
✓परिजनों का आरोप स्कूल की रस्सी से 9वीं क्लास के छात्र ने की आत्महत्या
परिधि न्यूज बैतूल

चोपना थाना क्षेत्र में एक शासकीय हाईस्कूल के कक्षा 9वीं के छात्र ने स्कूल के पीछे पांच सौ मीटर की दूरी पर नाले के किनारे एक पेड़ से फांसी लगा ली। परिजनों का आरोप है कि फांसी लगाने के लिए छात्र जिस रस्सी का उपयोग किया वह भी स्कूल की ही है। छात्र ने आत्मघाती कदम उठाने से पहले स्कूल के शिक्षकों के साथ लंच टाईम में करीब एक बजे स्कूल से एक किमी दूर मंदिर जाकर भोजन प्रसादी ग्रहण की। इसके बाद वह अकेले वापस आया और स्कूल की रस्सी से ही अपनी इहलीला समाप्त कर ली। मंदिर से स्कूल आने तक ऐसा क्या हुआ जो 15 वर्षीय छात्र ने अपनी जान ले ली यह सवाल उठ रहे है। मृतक छात्र का पीएम घोड़ाडोंगरी हास्पीटल में कराया जा रहा है।
लंच के बाद क्लास में नहीं लौटा तो शुरु किया ढूंढना
प्राप्त जानकारी के अनुसार चोपना थाना क्षेत्र के अंतर्गत हाईस्क्ूल में कक्षा 9वीं में पढऩे वाले 15 वर्षीय छात्र ने 29 अक्टूबर को फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। वारदात दोपहर करीब एक से डेढ़ बजे के बीच की बताई जा रही है। छात्र दो भाई एवं एक बहन है, बहन बड़ी है, जब यह छात्र दो वर्ष का था तभी इसकी मां मायके लौट गई थी। मजदूर पिता के द्वारा ही बच्चों का पालन पोषण किया जा रहा है। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार छात्र ने स्कूल के पीछे करीब 500 मीटर की दूरी पर नाले के किनारे पेड़ पर रस्सी का फंदा बनाकर आत्महत्या की। लंच टाईम के बाद जब वह अपनी कक्षा में वापस नहीं आया तो उसे ढूंढना शुरु किया। पुलिस को डायल-112 पर सूचना मिलने के बाद तत्काल पुलिस बल मौके पर पहुंचा और छात्र के शव को नीचे उतारा। 30 अक्टूबर को समाचार लिखे जाने तक छात्र के शव का पोस्टमार्टम घोड़ाडोंगरी चिकित्सालय में जारी था। छात्र के पास पुलिस को किसी तरह का कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। छात्र के फांसी लगाने के कारणों की पुलिस गंभीरता से जांच कर रही है। छात्र के स्क्ूल टाईम में फांसी लगाने से शिक्षा विभाग में भी हडक़म्प मच गया है। एसी, बीईओ, बीआरसी, एसडीएम ने भी स्क्ूल में पहुंचकर शाला प्रबंधन से पूछताछ की है। फिलहाल छात्र के फांसी लगाने का कारण अज्ञात है।
परिजनों ने लगाए स्कूल के शिक्षकों पर लापरवाही के आरोप
छात्र के चाचा का कहना है कि उनका भतीजा बहुत समझदार था। गत वर्ष 9वीं में फेल होने के बाद उसने खुद से निर्णय लिया था कि वह मोबाईल का उपयोग नहीं करेगा और पढ़ाई पर ध्यान देगा। उसे लगता था कि मोबाईल की वजह से उसने पढ़ाई नहीं की। इस वर्ष उसने ट्यूशन भी लगाई थी और शिक्षकों एवं ट्यूटर का कहना है कि बच्चा अब पढ़ाई में अच्छा हो गया है। ध्यान देने लगा है। छात्र के फांसी लगाने की सूचना भी स्कूल के शिक्षकों ने उन्हें नहीं दी उन्हें गांव के परिचित ने जानकारी दी। जबकि स्कूल के शिक्षकों के पास उनका नंबर था। मृतक छात्र के चाचा ने परिधि न्यूज को बताया कि परिवार में किसी भी तरह का कोई विवाद नहीं था। सभी मिलजुलकर रहते है। इस घटना के पीछे स्कूल के शिक्षकों की लापरवाही है, या उनके बच्चे को स्क्ूल में ही कोई परेशान करता रहा होगा तभी उसने इतना बड़ा कदम उठाया। छात्र ने रस्सी कूद वाली रस्सी से फांसी लगाई जो स्कूल की ही थी यह आरोप भी छात्र के चाचा ने लगाए है, इसके विपरीत स्कूल के प्राचार्य का कहना है कि रस्सी स्कूल की नहीं थी। मछली पकडऩे के जाल में जो रस्सी रहती है उसका उपयोग छात्र ने किया है ऐसा पुलिस से उन्हें पता चला है। इसके अलावा स्कूल से एक किमी दूर मंदिर में भोजन कराने छात्रो को ले जानेके सवाल पर प्राचार्य ने बताया कि पंचायत ने लिखित आवेदन देकर अनुमति मांगी थी जिसके आधार पर छात्रों को प्रसादी के लिए स्कूल स्टाफ के साथ मंदिर भेजा गया था। छात्र के चाचा ने दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है ताकि भविष्य में किसी और का नुकसान न हो।
इनका कहना..
डायल 112 पर सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची। छात्र ने फांसी क्यों लगाई इस संबंध में पड़ताल जारी है।
रवि शाक्य, टीआई, चोपना थाना