बच्चों के लिए काल बनी अवैध कार्बाइड गन : बैतूल के पटाखा बाजार से तीन कार्बाइड गन जब्त, एक आरोपी गिरफ्तार
✓बच्चों के लिए काल बनी अवैध कार्बाइड गन : बैतूल के पटाखा बाजार से तीन कार्बाइड गन जब्त, एक आरोपी गिरफ्तार
✓अवैध कार्बाइड गन की बिक्री पर बैतूल पुलिस की बड़ी कार्रवाई
परिधि न्यूज बैतूल

पुलिस अधीक्षक वीरेंद्र जैन के निर्देशन एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक के मार्गदर्शन में थाना कोतवाली द्वारा न्यू बैतूल ग्राउंड स्थित पटाखा बाजार से कार्बाइड रसायन से चलने वाली अवैध कार्बाइड गन बेचते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया है।
24 अक्टूबर को थाना कोतवाली को मुखबिर से सूचना मिली कि इफ्तेखार नामक व्यक्ति समीर पटाखा दुकान (न्यू बैतूल ग्राउंड) पर कार्बाइड रसायन से संचालित गन बेच रहा है। घटना की गंभीरता को देखते हुए उप निरीक्षक छत्रपाल सिंह धुर्वे मय दलबल मौके पर पहुंचे। मौके पर संदिग्ध अवस्था में पाए गये व्यक्ति ने अपना नाम इफ्तेखार पिता इसामुद्दीन खान, उम्र 35 वर्ष, निवासी आजाद वार्ड, टिकारी, बैतूल बताया। आरोपी के पास से 3 (तीन) नग ग्रे रंग की प्लास्टिक पाइप से बनी कार्बाइड गन विधिवत रूप से जप्त की गई।
आरोपी के विरुद्ध आवश्यक कानूनी कार्रवाइयां करते हुए उक्त कृत्य को विस्फोटक अधिनियम की धारा 4, 5, 9(ख) तथा बी.एन.एस. की धारा 288 के अंतर्गत दंडनीय पाया गया है। मामले में *अपराध क्रमांक 1020/2025* पंजीबद्ध कर विवेचना प्रारम्भ की गई है।
स्वास्थ्य व सुरक्षा संबंधी जानकारी एवं निर्देश
पुलिस अधीक्षक श्री जैन ने वर्तमान में प्राप्त सूचनाओं के अनुसार मध्य प्रदेश में कार्बाइड गन के उपयोग से बच्चों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव एवं आंखों की रोशनी कम होने जैसी घटनाएँ रिपोर्ट हुई हैं। इन गंभीर परिणामों को देखते हुए
सभी थाना प्रभारियों को निर्देशित किया था कि पटाखा दुकानों और संबंधित व्यापारिक स्थल पर जांच पड़ताल कर अवैध भंडारण व बिक्री रोकने हेतु कड़ी निगरानी रखें। उपरोक्त कार्रवाई इसी दिशा में की गई है।
जनसामान्य से अपील
पुलिस अधीक्षक ने जनता से अपील की है कि किसी भी प्रकार की अवैध कार्बाइड गन, अवैध पटाखा, विस्फोटक पदार्थ या असुरक्षित उपकरणों का निर्माण, भंडारण, बिक्री या उपयोग न करें। यह न केवल कानूनन अपराध है बल्कि स्वयं एवं अन्य लोगों के जीवन के लिए गंभीर खतरा उत्पन्न कर सकता है।यदि किसी को ऐसी अवैध गतिविधि की जानकारी प्राप्त होती है तो तत्काल नजदीकी पुलिस थाना या डायल-112 पर सूचना दें। सूचना देने वाले की पहचान पूर्णतः गोपनीय रखी जायेगी।