कलेक्टर नरेंद्र सूर्यवंशी और सीईओ अक्षत जैन की सतर्कता से छात्रावासों में बिजली बिलों का फर्जीवाड़ा उजागर
✓कलेक्टर नरेंद्र सूर्यवंशी और सीईओ अक्षत जैन की सतर्कता से छात्रावासों में बिजली बिलों का फर्जीवाड़ा उजागर
✓तीन कर्मचारियों ने लॉगिन आईडी का दुरुपयोग कर छात्रावासों को बिजली बिल के नाम पर किया ✓40 लाख का भुगतान, दोषी ऑपरेटर और वेंडर पर होगी एफआईआर,
✓जनपद कार्यालय के 3 कर्मचारी को कलेक्टर ने किया निलंबित
परिधि न्यूज बैतूल

जनजातीय कार्य विभाग के छात्रावासों में विद्युत देयकों में 40 लाख 4 हजार की राशि के फर्जी भुगतान की वित्तीय अनियमितता सामने आई हैं, जिसे कलेक्टर नरेन्द्र कुमार सूर्यवंशी और सीईओ जिला पंचायत श्री अक्षत जैन ने सजगता और सतर्कता से पकड़ा है।
उल्लेखनीय है कि जनजातीय कार्य विभाग बैतूल के छात्रावासो के विद्युत देयको का भुगतान जनपद पंचायत बैतूल कार्यालय के डीडीओ से जिला कोषालय में भुगतान के लिए भेजकर भुगतान की कार्यवाही की जाती है। आनलॉईन रिकंसिलिएशन रिपोर्ट की जाँच में भुगतान में वित्तीय अनियमितता देखने पर सीईओ जनपद बैतूल सुश्री शिवानी राय ने कलेक्टर और सीईओ जिला पंचायत को इसकी जानकारी दी। जिस पर कलेक्टर बैतूल श्री सूर्यवंशी और सीईओ जिला पंचायत श्री जैन ने उक्त प्रकरण में अनियमितता पाए जाने पर विस्तृत जॉच के निर्देश दिए। जिसमें जिला कोषालय अधिकारी श्रीमती मीनाक्षी दाहरे एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत बैतूल सुश्री राय द्वारा संयुक्त रूप से जांच की गईं।
जांच में पाया गया कि लॉगिन आईडी का दुरूपयोग कर फर्जी वेण्डर निर्मित कर भुगतान कार्य किया गया। आनलाईन रिकंसिलिएशन रिपोर्ट एवं पेमेंट आर्डर सीट से यह स्पष्ट हुआ कि विद्युत बिलो का भुगतान विद्युत विभाग के खाते के अलावा फर्जी वेण्डरो के खातो में किया जा रहा है। फर्जी वेण्डरो की जॉच में जामठी निवासी धर्मेन्द्र वरकडे की वित्तीय अनियमितता संज्ञान में आई। संबंधित के बैंक स्टेटमेंट की जाँच पर देखा गया कि संबंधित का जनपद कार्यालय के ऑपरेटर के रूप में कार्यरत भृत्य श्री छत्रपाल मर्सकोले से युपीआई लेनदेन है एवं दोनो एक दूसरे के परिचित भी हैं और एक ही ग्राम के निवासी है।
उक्त तथ्य की पूछताछ करने पर ऑपरेटर छत्रपाल मर्सकोले द्वारा स्वीकार भी किया गया कि उक्त कृत्य उसके द्वारा स्वयं के लाभ के लिये किया गया है। जॉच के दौरान तत्कालिक कार्यवाही के रूप गबन की गई 5 लाख 24 हजार की राशि शासकीय चालान से जमा कराई गई।विस्तृत जॉच करने पर धर्मेन्द्र वरकडे सहित 06 फर्जी वेण्डर म.वि.वि.कं.लि. बैतूल के नाम से पंजीकृत पाये गये जिन्हें 40 लाख की राशि का भुगतान होना पाया गया।
कलेक्टर श्री सूर्यवंशी के निर्देश पर फर्जी भुगतान के लिए जनपद कार्यालय के भृत्य छत्रपाल मर्सकोले को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया। कलेक्टर ने बिल जनरेट करने, देयकों की जांच और बिल प्रॉसेस संबंधी कार्य में लापरवाही पर जनपद पंचायत बैतूल के सहायक ग्रेड 3 श्रीमती वर्षा कमाविसदार और सहायक ग्रेड 3 नितिन कुमार पांडे को भी तत्काल प्रभाव से निलंबित भी किया हैं। उन्होंने साथ ही छत्रपाल मर्सकोले और फर्जी वेंडर के खिलाफ आपराधिक प्रकरण दर्ज कराने के भी निर्देश दिए हैं।