खंडवा से बैतूल,बैतूल से झाबुआ,झाबुआ से ग्वालियर पहुंचे सहायक आयुक्त विवेक पांडेय
➡️खंडवा से बैतूल,बैतूल से झाबुआ,झाबुआ से ग्वालियर पहुंचे सहायक आयुक्त विवेक पांडेय
➡️आदेश में ट्विस्ट: क्या कुछ दिनों के लिए झाबुआ से खंडवा भी स्थानांतरित हुए थे सहायक आयुक्त?
➡️11 महीने में 4 बार इधर से उधर का खेल, आखिर कौन है मेहरबान
परिधि न्यूज बैतूल

मात्र एक साल में बैतूल के पूर्व सहायक आयुक्त विवेक पांडेय पर पांच बार जनजाति विभाग मेहरबान रहा है।खंडवा से बैतूल स्थानांतरित होकर आए श्री पांडेय का करीब 11 महीनों का कार्यकाल बैतूल जिले में विवादों,शिकवा शिकायतों से भरा रहा।एक महीने पहले ही उनका स्थानांतरण झाबुआ किया गया था लेकिन यहां ज्वाइन करते ही उनकी मुश्किल बढ़ गई।दरअसल झाबुआ में पदस्थ सहायक आयुक्त सुप्रिया बिसेन को हाई कोर्ट से स्टे मिल गया जिसकी वजह से श्री पांडेय को झाबुआ से उच्च जनजाति विभाग भोपाल सीटीडी अटैच कर दिया गया।अब अचानक श्री पांडेय के ग्वालियर स्थानांतरण के आदेश ने सभी को चौका दिया है।

बैतूल जिले के पूर्व सहायक आयुक्त विवेक पांडेय का तबादला ग्वालियर हो गया है। एक माह में यह उनका दूसरी बार तबादला हुआ है जिले में अपनी कार्य प्रणाली के लिए विवादित रहे सहायक आयुक्त विवेक पाण्डेय को 16 जून को झाबुआ में सहायक आयुक्त पद पर स्थानांतरित किया गया था। प्राप्त जानकारी के अनुसार यहां पदस्थ सहायक आयुक्त सुप्रिया बिसेन को हाई कोर्ट से स्टे मिलने के बाद श्री पांडेय लगातार किसी जिले में पोस्टिंग के लिए प्रयासरत थे। वर्तमान में जिले में ही शासकीय आवास में निवासरत है। करीब1 महीने की जद्दोजहद के बाद अंतत विवेक पांडेय के प्रयास सफल हुए और उन्हें ग्वालियर स्थानांतरित किया गया है।इस आशय के आदेश 8 जुलाई को जारी हुए है, जिसमें बैतूल के पूर्व सहायक आयुक्त को खंडवा से ग्वालियर स्थानांतरित किया गया।यह आदेश सोशल मीडिया पर मैनी टाइम फॉरवर्ड हुआ है। इस आदेश को पढ़ने के बाद जिले एवं विभागीय गलियारे में यही चर्चा है कि सहायक आयुक्त विवेक पांडे झाबुआ से ग्वालियर भेजे गए है या खंडवा से।बहरहाल चर्चा है कि बैतूल के शासकीय आवास में रहते हुए साहब ने झाबुआ, नर्मदापुरम, खंडवा के चक्कर खूब काटे और अंततः ग्वालियर में अस्थायी पद स्थापना से फिलहाल राहत महसूस कर रहे है।
➡️सवाल यह भी..क्या जल्दबाजी में या दबाव में जारी हुआ आदेश
विवेक पांडेय सहायक आयुक्त के स्थानांतरण आदेश में खंडवा से ग्वालियर स्थानांतरित किया गया है।सूत्रों का दावा है कि यदि झाबुआ से सहायक आयुक्त को खंडवा स्थानांतरित ही नहीं किया है तो खंडवा से ग्वालियर कैसे भिजवाया गया। संभवतः जल्दबाजी में जारी आदेश में झाबुआ से ग्वालियर स्थानांतरण नहीं दिखाते हुए सीधा खंडवा से ग्वालियर स्थानांतरण का उल्लेख किया गया। बहरहाल आदेश को लेकर तमाम चर्चाएं व्याप्त है।चर्चा यह भी है कि सहायक आयुक्त श्री पांडेय की जिद और उच्चस्तरीय संबंध कही न कही उनका बचाव कर ही लेते है।