क्या सच में सरकारी अस्पतालों में सीजर डिलीवरी के नहीं लगेंगे 5 हजार..?
➡️सरकारी अस्पतालों में प्रसव की सभी सेवाएं पूरी तरह निःशुल्क, वसूली करने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई: कलेक्टर डॉ. सोनवणे
परिधि न्यूज बैतूल

मंगलवार को कलेक्ट्रेट में आयोजित समीक्षा बैठक में कलेक्टर डॉ. सौरभ संजय सोनवणे ने निर्देश दिए कि गर्भवती महिलाओं को प्रसव से संबंधित सभी स्वास्थ्य सेवाएं शासकीय जिला अस्पताल, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सीएचसी एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पीएचसी पर पूरी तरह निःशुल्क उपलब्ध कराई जाएं।
उन्होंने बताया कि गर्भवती महिलाओं के लिए एएनसी जांच, खून एवं पेशाब की जांच, सोनोग्राफी, सामान्य एवं जटिल प्रसव, सीजर ऑपरेशन सहित प्रसव से जुड़ी सभी चिकित्सीय सेवाएं तथा प्रसव परिवहन सुविधा भी पूरी तरह नि:शुल्क प्रदान की जाती है।कलेक्टर ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि यदि कोई शासकीय कर्मचारी, प्रसव परिवहन सेवा से जुड़े वाहन चालक या अन्य कर्मचारी गर्भवती महिला अथवा उनके परिजनों से किसी भी प्रकार की धनराशि की मांग करता है, तो इसे पूर्णतः अवैध माना जाएगा। ऐसे मामलों में तत्काल शिकायत दर्ज कर संबंधित व्यक्ति के विरुद्ध विभागीय एवं कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
धनराशि की मांग करने वालों की इन नंबरों पर कर सकते है शिकायत
प्रभारी मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी एवं सिविल सर्जन सह मुख्य अस्पताल अधीक्षक डॉ जगदीश घोरे ने बताया कि शिकायत दर्ज कराने के लिए कन्ट्रोल रूम कार्यालय कलेक्टर- 07141-230338, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी बैतूल- 9425381818, सिविल सर्जन सह मुख्य अस्पताल अधीक्षक बैतूल- 9425636311, जिला कार्यक्रम प्रबंधक-8827299660, खंड चिकित्सा अधिकारी सेहरा- 9754564767, शाहपुर -9343681797, घोड़ाडोंगरी-7828383528, भीमपुर-9479860321, भैंसदेही-9509835900, चिचोली-9827392391, आठनेर- 9179017335, आमला -8819838710, मुलताई -8085038386, प्रभात पट्टन -8878617062 नंबर जारी किए गए है। कलेक्टर डॉ. सोनवणे ने निर्देशित किया है कि किसी भी प्रकार की वसूली पाए जाने पर संबंधित कर्मचारी एवं परिवहन कर्मी के विरूद्ध तत्काल विभागीय एवं कानूनी कार्यवाही की जाएगी।
वर्षो से था जिलेवासियों को एक्शन का इंतजार

जिला अस्पताल में सामान्य एवं सीजर ऑपरेशन से होने वाले प्रसव को लेकर वर्षों से शिकवे,शिकायतें,विरोध सामने आए है,जिला अस्पताल में सीजर डिलीवरी के लिए 5 हजार का रेट फिक्स है, कई बार जनप्रतिनिधियों से लेकर वरिष्ठ अधिकारियों से इस संबंध में शिकायत भी हुई लेकिन कार्रवाई के मामले में शिथिलता ही रही,या जांच रिपोर्ट उजागर ही नहीं हो पाई। कलेक्टर डॉ. सौरभ संजय सोनवणे के निर्देशों के बाद अब जिलेवासियों में उम्मीद जागी है कि अस्पताल में अवैध वसूली पर शिकंजा कसेगा।