बांसे पुलाव में नजर आए कीड़े और बाल, तेल में तैर रहे थे कॉकरोच
आंगनबाड़ी केन्द्र सिल्लौट में बच्चों को बांटा जा रहा था, कीड़े वाला भोजन, सरपंच ने बनाया पंचनामा, आज जांच के लिए पहुंचे सीडीपीओ

✓बांसे पुलाव में नजर आए कीड़े और बाल, तेल में तैर रहे थे कॉकरोच
✓आंगनबाड़ी केन्द्र सिल्लौट में बच्चों को बांटा जा रहा था, कीड़े वाला भोजन, सरपंच ने बनाया पंचनामा, आज जांच के लिए पहुंचे सीडीपीओ
परिधि न्यूज बैतूल/ खेड़ी सांवलीगढ़

महिला बाल विकास विभाग द्वारा संचालित आंगनबाड़ी केन्द्रों में बच्चों को बांटा जाने वाला पोषण आहार एवं मध्यान्ह भोजन गुणवत्ताविहीन होने की शिकायतें आए दिन मिलती रहती है, लेकिन सिल्लौट के आंगनबाड़ी केन्द्र में लापरवाही की सभी हदे पार करते हुए मासूम बच्चों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। यहां बच्चों को कीड़ेयुक्त भोजन कराया जा रहा था, वह तो शुक्र है कि मौके पर ग्राम पंचायत सरपंच पहुंच गई और सारा सच सामने आ गया। बच्चों को रात का बना पुलाव वितरित किया जा रहा था जिसमें घुन और कीड़े नजर आ रहे थे, वहीं दूसरी ओर जिस तेल का उपयोग भोजन बनाने में किया गया उसमें भी कॉकरोच तैर रहे थे।
कई दिनों से बंद है आंगनबाड़ी, सहायिका बाहर बांटती मिली भोजन
ग्रामीण क्षेत्रों में आंगनबाड़ी केन्द्रों पर न तो मेन्यू के हिसाब से भोजन का वितरण किया जाता है और न ही भोजन की गुणवत्ता का ध्यान रखा जाता है। बैतूल जनपद पंचायत के अंतर्गत ग्राम सिल्लोट में आंगनबाड़ी केन्द्र कई दिनों से नहीं खुलने की शिकायतें भी मिल रही थी। इसी के चलते ग्राम पंचायत सरपंच मंटू उईके ग्रामीणों के साथ 10 अक्टूबर को आंगनबाड़ी केन्द्र पहुंचे। यहां केन्द्र पर आज भी ताला लटका मिला। बंद केन्द्र के सामने सहायिका बच्चों को रात का बना पुलाव वितरित कर रही थी, जिसमें कीड़े और बाल नजर आ रहे थे। इसके अलावा जिस तेल से यह पुलाव बनाया गया था उसमे भी कॉकरोच तैर रहे थे। सरपंच ने बच्चों के स्वास्थ्य के साथ किए जा रहे खिलवाड़ पर नाराज होकर पंचनामा बनाया। इसके अलावा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को भी इस संबंध में सूचना दी।
समूह नहीं बनाएगा बच्चों का भोजन, कार्यकर्ता पर होगी कार्रवाई
इस पूरे मामले में डीपीओ गौतम अधिकारी ने बताया कि शिकायत मिलने के बाद आज सीडीपीओ द्वारा जांच पड़ताल की गई। शिकायतकर्ता सरपंच, उपसरपंच एवं ग्रामीणों की मौजूदगी में सहमति बनी कि केन्द्र के बच्चों का जो समूह भोजन बना रहा है वह अब बच्चों के लिए भोजन नहीं बनाएगा। 1 नवंबर से दूसरे समूह को यह जिम्मेदारी दी जा रही है। इसके अलावा आंगनबाड़ी कार्यकर्ता द्वारा उपस्थिति भी नहीं ली गई थी, लापरवाही पर नोटिस दिए जाने के साथ ही कार्यकर्ता के विरुद्ध भी कार्रवाई की जाएगी।
