MP Excise Officials Suspended:निर्धारित दरों पर शराब दुकानों की नीलामी कराने में असफल रहे आबकारी अधिकारी अंशुमन सिंह चिडार सस्पेंड
✓MP में 2 DEO सस्पेंड: सरकारी दरों पर नीलाम नहीं हुईं शराब दुकानें, बैतूल और गुना-अशोकनगर के जिला आबकारी अधिकारी पर एक्शन

ग्वालियर/मध्यप्रदेश में शराब दुकानों की नीलामी में घाटा होने पर सरकार ने 2 जिलों के आबकारी अफसरों को सस्पेंड कर दिया है। ग्वालियर आबकारी आयुक्त कार्यालय से मध्यप्रदेश के बैतूल, गुना-अशोकनगर के 2 आबकारी अफसरों के तत्काल प्रभाव से सस्पेंशन लेटर जारी किए गए हैं। आबकारी आयुक्त का कहना हैं कि यहां सरकार द्वारा निर्धारित दरों पर शराब दुकानों की नीलामी कराने में अफसर असफल रहे, जिस वजह से यह एक्शन लिया गया है।ग्वालियर आबकारी आयुक्त कार्यालय से जारी लेटर में गुना और अशोनगर के प्रभारी जिला आबकारी अधिकारी गुरूप्रसाद केवट और बैतूल जिला आबकारी अधिकारी अंशुमन सिंह चिडार को सस्पेंड किया है। निलंबन अवधि तक केवट को ग्वालियर और चिडार को भोपाल मुख्यालय में अटैच कर दिया है।

आरक्षित मूल्य से 31.4 करोड़ रुपए का हुआ नुकसान
आबकारी विभाग ने 6 अप्रैल 2026, सोमवार को कुल 21 शराब दुकानों का ऑक्शन किया। जिसका सरकार द्वारा दर 106.95 करोड़ रुपए आरक्षित की थी, लेकिन विभाग को सिर्फ 75.55 करोड़ रुपए की आय हुई। इस लिहाज से सरकार को आरक्षित मूल्य से कुल 31.4 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है।

एमपी की 3153 शराब दुकानों से 16848 करोड़ की आय
आबकारी विभाग के मुताबिक, पिछली बार वार्षिक मूल्य 16627 करोड़ रुपए था। 20 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ इस बार आरक्षित मूल्य 19952 करोड़ रुपए निर्धारित किया था। जिसमें से 6 अप्रैल 2026 तक 3153 दुकानों की नीलामी से 16848 करोड़ रुपए की आय हुई।
एमपी की 400 दुकानों का 1529 करोड़ का ऑफर होल्ड
मध्यप्रदेश में बाकी 400 दुकानों का आरक्षित मूल्य 3261 करोड़ रुपए है। जिसमें से 1529 करोड़ रुपए होल्ड ऑफर किया है। पिछले साल कांट्रेक्टर की संख्या 489 थी, लेकिन इस साल बढ़कर 919 हुई हैं।