108 एंबुलेंस में गौवंश की तस्करी
✓108 एम्बुलेंस से हो रही थी गौवंश तस्करी, मासोद चौकी और मुलताई थाने की पुलिस ने पीछा कर 10 नग गौवंश को किया सुरक्षित
परिधि न्यूज बैतूल

पुलिस अधीक्षक बैतूल श्री वीरेंद्र जैन के निर्देशानुसार जिले में अवैध गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण एवं दोषियों पर त्वरित कानूनी कार्रवाई हेतु लगातार कार्रवाई जारी हैं। इसी तारतम्य में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्रीमती कमला जोशी एवं एसडीओपी मुलताई श्री एस.के. सिंह के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी मुलताई निरीक्षक नरेंद्र सिंह परिहार के नेतृत्व में पुलिस टीम द्वारा एक 108 एम्बुलेंस वाहन में भरे 10 नग गौवंश को पकड़ने में महत्वपूर्ण सफलता प्राप्त की है।
कार्यवाही का विवरण

18 नवंबर की रात्रि में कस्बा मासोद क्षेत्र में गश्त के दौरान सूचना प्राप्त हुई कि मुलताई मार्ग से होते हुए एक एम्बुलेंस वाहन में गौवंश भरकर अवैध रूप से महाराष्ट्र की ओर ले जाया जा रहा है।सूचना पर हमराह स्टाफ एवं साक्षीगण पवन कवड़कर एवं संजू काकोडिया को साथ लेकर पुलिस टीम बिसनूर जोड़ पर चेकिंग के लिए पहुँची।
लगभग सुबह 3:30 बजे मुलताई रोड की ओर से एक एम्बुलेंस आती दिखाई दी, जिसे रुकने का संकेत दिया गया। चालक ने संकेत को अनदेखा कर वाहन को रगडगाँव–गेहुँबारसा रोड की ओर मोड़कर तेज गति से भगाना शुरू कर दिया। पुलिस टीम द्वारा पीछा किए जाने पर आरोपी, संजू काकोडिया के घर के पास अंधेरे का फायदा उठाकर वाहन छोड़कर फरार हो गया।
वाहन का नंबर एमएच-06 जे 9255 पाया गया। एम्बुलेंस के पीछे का गेट खोलकर देखा गया तो भीतर 10 गौवंश क्रूरता पूर्वक बंधे हुए मिले, जिनके मुह और पैर पूरी तरह बांधे गए थे और हिलने-डुलने की भी जगह नहीं थी। जाँच में पाया गया कि इन गौवंशों को वध हेतु महाराष्ट्र की ओर ले जाया जा रहा था।घटना पाए जाने पर मौके पर ही समक्ष साक्षीगणों की उपस्थिति में एम्बुलेंस वाहन एवं 10 नग गौवंश कुल कीमत लगभग ₹4,78,000 जप्त किए गए।जप्तशुदा गौवंशों को माँ गायत्री गौशाला, ग्राम बघोड़ा में सुरक्षित सुपुर्द किया गया तथा वाहन को चौकी मासोद में सुरक्षार्थ रखा गया।चालक के फरार होने पर अज्ञात आरोपी चालक के विरुद्ध थाना मुलताई में अपराध पंजीबद्ध किया गया है।धारा 4, 6, 9 मध्यप्रदेश गौवंश वध प्रतिषेध अधिनियम तथा धारा 11(1)(घ) पशु क्रूरता निवारण अधिनियम।फरार आरोपी की तलाश जारी है।थाना प्रभारी मुलताई निरीक्षक नरेंद्र सिंह परिहार,उनि रणधीर सिंह राजपूत,प्र.आर. बलराम सरेयाम,प्र.आर. रामकृष्ण सिलारे,प्र.आर. हाकम सिंह,आर. शिवराम,आर. मेहमान,तथा डायल-112 चालक नितेश पवार की महत्वपूर्ण भूमिका रही।