1️⃣👉जनसुनवाई में प्राप्त शिकायतों का प्राथमिकता से करें निराकरण: सीईओ श्री जैन, 2️⃣👉जिले में वर्तमान में 23,645 मे.टन खाद उपलब्ध है,3️⃣👉कोई भी पात्र नागरिक मतदाता सूची में न छूटे, विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम को सफल बनाएं : कलेक्टर श्री सूर्यवंशी,4️⃣👉 शैक्षणिक गुणवत्ता बढ़ाने जिले के 126 स्कूलों में परीक्षा 29 अक्टूबर को,5️⃣👉स्ट्रेस मैनेजमेंट एवं लाइफस्टाइल पर एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित,6️⃣👉लापरवाही पर ग्राम पंचायत सचिव की सेवा समाप्त
परिधि प्रशासनिक डायरी बैतूल
1️⃣👉जनसुनवाई में प्राप्त शिकायतों का प्राथमिकता से करें निराकरण: सीईओ श्री जैन
जिला पंचायत सीईओ ने जनसुनवाई में सुनीं नागरिकों की समस्याए

बैतूल/मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत सीईओ श्री जैन ने मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभा कक्ष में प्रातः 11 बजे से आयोजित जनसुनवाई में नागरिकों की समस्याएं सुनीं। इस दौरान उन्होंने अनेक समस्याओं का निराकरण मौके पर ही किया। जनसुनवाई में कुल 141 आवेदन प्राप्त हुए। सीईओ श्री जैन ने कहा कि जनसुनवाई शासन की एक महत्वपूर्ण व्यवस्था है, जिसके माध्यम से आम नागरिक अपनी समस्याएं सीधे प्रशासन के समक्ष रखते हैं। उन्होंने उपस्थित अधिकारियों से कहा कि प्रत्येक आवेदन का समय सीमा में समाधान किया जाए और जनसुनवाई में प्राप्त शिकायतों पर प्राथमिकता से कार्यवाही सुनिश्चित की जाए। इस दौरान ग्राम आवरिया निवासी कमल मर्सकोले द्वारा किरायेदार से ट्रैक्टर वापस दिलाए जाने के आवेदन पर जिला पंचायत सीईओ ने थाना प्रभारी चिचोली को प्रकरण के निराकरण के निर्देश दिए। वहीं मुलताई निवासी रामदास द्वारा अनावेदकों पर कानूनी कार्रवाई किए जाने के आवेदन पर जिला पंचायत सीईओ ने मुलताई एसडीएम को प्रकरण की जांच कर निराकरण के निर्देश दिए। इस अवसर पर अपर कलेक्टर श्रीमती वंदना जाट ने भी नागरिकों की समस्याएं सुनी। जनसुनवाई में सभी विभागीय अधिकारी, कर्मचारी उपस्थित रहे।
जनसुनवाई में बैतूल मुख्यालय के कंपनी गार्डन निवासी राहुल पाल ने अतिक्रमण हटाए जाने के लिए आवेदन दिया। जिस पर जिला पंचायत सीईओ ने बैतूल तहसीलदार को प्रकरण के निराकरण के निर्देश दिए। इसके अलावा कंपनी गार्डन निवासी गंगा पाल ने आवेदन के माध्यम से स्वर्गवासी पति की पेंशन चालू करने और लोन माफ किए जाने की मांग की। प्राप्त आवेदन पर जिला पंचायत सीईओ ने एलडीएम को प्रकरण की जांच कर निराकरण के निर्देश दिए। जनसुनवाई में बाकुड़ सातनेर निवासी कृति गाड़गे ने आवेदन के माध्यम से निजी कॉलेज से दाखिला निरस्त कर फीस की राशि वापस दिलाए जाने की मांग की। जिस पर जिला पंचायत सीईओ ने संबंधित अधिकारी को प्रकरण के निराकरण के निर्देश दिए।
—अवैध कब्जा दिलाने के दिए निर्देश—
जनसुनवाई में आमला तहसील के बोड़खी निवासी राजन कुमार गोहे ने अनावेदक द्वारा भूमि पर किए गए अवैध कब्जे की शिकायत की। प्राप्त आवेदन पर जिला पंचायत सीईओ श्री जैन ने आमला तहसीलदार को प्रकरण की जांच कर दोषी के विरुद्ध कार्रवाई किए जाने के निर्देश दिए। जनसुनवाई में आमला तहसील के ग्राम संतुढाना चिखलार निवासी चिन्धा बाई ने अनावेदकों से अवैध कब्जा दिलाए जाने के लिए आवेदन दिया। प्राप्त आवेदन पर जिला पंचायत सीईओ ने आमला तहसीलदार को प्रकरण की जांच कर निराकरण के निर्देश दिए। बैतूल मुख्यालय के शास्त्री वार्ड सदर निवासी नारायण यादव ने आवेदन के माध्यम से प्लाट पर अवैध रूप से फेंसिंग किए जाने की शिकायत की। जिस पर जिला पंचायत सीईओ ने बैतूल तहसीलदार को प्रकरण के निराकरण के निर्देश दिए। ग्राम पिपला निवासी बीरालाल ने भूमि से अवैध कब्जा हटाने के लिए आवेदन दिया। प्राप्त आवेदन पर सीईओ ने बैतूल तहसीलदार को प्रकरण की जांच कर निराकरण के निर्देश दिए।
—बही में नाम सुधारने के दिए निर्देश—
जनसुनवाई में आठनेर तहसील के ग्राम सावंगी निवासी रेखा ने आवेदन के माध्यम से बही में नाम सुधारे जाने की गुहार लगाई। जिस पर जिला पंचायत सीईओ श्री जैन ने आठनेर तहसीलदार को प्रकरण की जांच कर शीघ्र बही में नाम सुधारने के निर्देश दिए। इसी प्रकार आठनेर के ग्राम धामोरी निवासी राजकुमारी परते ने भूमि से नाम हटाने के लिए आवेदन दिया। जिस पर जिला पंचायत सीईओ ने आठनेर तहसीलदार को प्रकरण के निराकरण के निर्देश दिए। चिचोली तहसील के ग्राम कोढर निवासी मानकर यादव ने बैंक द्वारा खाते से की जा रही अनावश्यक कटौती की शिकायत की। प्राप्त आवेदन पर जिला पंचायत सीईओ ने बैंक एलडीएम को प्रकरण की जांच कर निराकरण के निर्देश दिए।
2️⃣👉जिले में वर्तमान में 23,645 मे.टन खाद उपलब्ध है
✓उर्वरक विक्रेता अपनी दुकानों पर उर्वरक दर एवं स्टॉक का प्रर्दशन करें साथ ही उर्वरक के साथ कोई अन्य सामग्री टेगिंग के रूप में ना दे
बैतूल/कृषि उप संचालक से प्राप्त जानकारी अनुसार जिले में वर्तमान में 23,645 मे.टन खाद उपलब्ध है। जिसमें युरिया 8,858 मे. टन (सहकारी क्षेत्र 6,200 मे. टन, निजी क्षेत्र 2,658 मे.टन), डीएपी 3,294 मे.टन (सहकारी क्षेत्र में 2,470 मे. टन ,निजी क्षेत्र 824 मे.टन),एनपीके 3,040 मे. टन (सहकारी क्षेत्र 2,280 मे. टन, निजी क्षेत्र 760 मे. टन), एस एस पी 7,912 मे.टन. (सहकारी क्षेत्र 4,970 मे.टन, निजी क्षेत्र 2,942 मे.टन), पोटास 541 मे.टन. (सहकारी क्षेत्र 433 मे.टन, निजी क्षेत्र 108 मे.टन) उपलब्ध है।
जिले में सहकारी क्षेत्र (विपणन संघ, समितिया, एम.पी.एग्रो) एंव निजी क्षेत्र के उर्वरक विक्रय केंद्रों पर पर्याप्त मात्रा में उर्वरको का भण्डारण हैं। उर्वरक वितरण की व्यवस्था को सुव्यवस्थित बनायें रखने के लिए किसानों भाईयो से निवेदन है कि जो किसान भाई सहकारी संस्था के नियमित सदस्य है,वह संबंधित संस्था से उर्वरक का उठाव करें ताकि अन्य किसान भाई निकटतम निजी या एम.पी.एग्रो के केन्द्र से उर्वरक प्राप्त कर सके।
जिले में चना, मटर,सरसो, गेहू, आलू, बोने वाले किसान भाईयो का सलाह दी जाती है कि एन पी के 12:32:16/डी.ए.पी. के स्थान पर एन पी के के अन्य विकल्प जैसे एन पी के 16:16:16, एन पी के 10:26:26, एन पी के 20:20:0:13 का उपयोग कर सकते हैं। उक्त विकल्पो में भी फसल की जरूरत अनुरूप समान पोषक तत्व उपलब्ध है जो कि एन पी के 12:32:16 में हैं। अन्य विकल्पों के उपयोग से भी उतना ही फसल उत्पादन प्राप्त होगा जितना एन पी के 12:32:16 से होता है। कृषकों से आग्रह है कि वह खाद का बोवनी की आवश्यकतानुसार उठाव कर सकते हैं। जिलें को उर्वरको की लगातार रेक प्राप्त हों रहीं है, जिससें मांग अनुरूप खाद उपलब्धता भविष्य में भी सुनिश्चित होती रहेगी।
कृषकों से निवेदन है कि पारंपरिक उर्वरक (युरिया/डीएपी) उपयोग के स्थान पर नैनों उर्वरक (नैनों युरिया/नैनो डीएपी) को भी अपनायें जिससे पारंपरिक उर्वरको पर निर्भरता कम होगी और फसल की गुणवत्ता के साथ भण्डारण और परिवहन में सुगमता होंगी साथ ही साथ कम लागत में बेहतर उत्पादन प्राप्त होगा।
समस्त उर्वरक विक्रेताओं को निर्देशित किया जाता है कि अपने उर्वरक विक्रय प्रतिष्ठान पर उर्वरक दर एवं स्टॉक का प्रर्दशन करें साथ ही उर्वरक के साथ कोई अन्य सामग्री टेगिंग के रूप में ना देवें। उर्वरक काला बाजारी / अधिक दर पर विक्रय करने या कोई अन्य सामग्री की टेगिंग करने पर सबंधित विक्रेता के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्यवाही की जाएगी।
3️⃣👉कोई भी पात्र नागरिक मतदाता सूची में न छूटे, विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम को सफल बनाएं : कलेक्टर श्री सूर्यवंशी
✓4 नवंबर से 4 दिसंबर तक बीएलओ घर-घर जाकर मतदाताओं को करेंगे गणना प्रपत्र वितरित और एकत्रित
✓9 दिसंबर से 8 जनवरी तक प्रारूप मतदाता सूची पर प्राप्त की जाएगी दावे आपत्तियां
✓7 फरवरी को होगा अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन

बैतूल /जिले में कोई भी पात्र नागरिक का नाम मतदाता सूची में न छूटे और कोई भी अपात्र व्यक्ति मतदाता सूची में सम्मिलित न हो इस उद्देश्य से भारत निर्वाचन आयोग ने विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) कार्यक्रम की घोषणा की है। इस संबंध में मंगलवार को कलेक्ट्रेट कार्यालय में बैतूल कलेक्टर श्री नरेन्द्र कुमार सूर्यवंशी ने राजनैतिक दलों और मीडिया प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर उन्हें विशेष गहन पुनरीक्षण के संबंध में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित एसआईआर कार्यक्रम के अनुसार 28 अक्टूबर से 30 नवंबर तक समस्त बीएलओ, बीएलए और संबंधित अधिकारियों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसी दौरान मतदाताओं की जानकारी एकत्रित करने के लिए निर्धारित विशेष गणना फार्म का मुद्रण भी होगा। इसके पश्चात 4 नवंबर से 4 दिसंबर तक बीएलओ घर-घर जाकर गणना पत्रक वितरित और एकत्रित करेंगे। इसके बाद 9 दिसंबर को प्रारूप मतदाता सूची का प्रकाशन किया जाएगा। 9 दिसंबर से 8 जनवरी 2026 तक प्रारूप मतदाता सूची के लिए दावे एवं आपत्तियां प्राप्त की जाएगी। इसी प्रकार 9 दिसंबर से ही 31 जनवरी तक पिछली एसआईआर से लिंक नहीं हो पाए मतदाताओं को नोटिस जारी कर सुनवाई एवं प्रमाणीकरण का कार्य किया जाएगा। 07 फरवरी 2026 को अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन होगा।
कलेक्टर श्री सूर्यवंशी ने एसआईआर की प्रमुख प्रक्रियाओं के संबंध में बताया कि जिले के समस्त निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी एवं सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी अपनी विधानसभा क्षेत्र की मतदाता सूची में दर्ज प्रत्येक मतदाता के लिए 27 अक्टूबर 2025 की स्थिति में विशेष गणना प्रपत्र तैयार करेंगे। गणना प्रपत्र में वर्तमान मतदाता सूची में सम्मिलित आवश्यक जानकारी होगी। इसके पश्चात प्रत्येक बीएलओ निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार मौजूदा मतदाताओं को गणना प्रपत्र वितरित और एकत्रित करेंगे। साथ ही मतदाताओं को अपने नाम या उनके परिजन का नाम पिछली एसआईआर (जो वर्ष 2002-2003 में आयोजित हुआ था) में मिलान या लिंक करने में मदद करेंगे। मतदाता या बीएलओ मिलान/लिंकिंग के लिए पिछली एसआईआर की जानकारी के लिए अखिल भारतीय डेटा बेस http://voters.eci.gov.in/ की सहायता ले सकते है। निर्धारित कार्यक्रम के तहत बीएलओ नए मतदाता के नाम को जोड़ने के लिए फार्म-6 और घोषणा प्रपत्र भी एकत्र करेंगे। प्रत्येक बीएलओ अपने क्षेत्र के मतदाता के घर पर कम से कम तीन बार जाएंगे। उन्होंने बताया कि मतदाता विशेषकर शहरी या अस्थाई रूप से स्थानांतरित व्यक्ति गणना प्रपत्र ऑनलाइन भी भर सकेंगे।
कलेक्टर श्री सूर्यवंशी ने बताया कि बीएलओ ऐसे मतदाताओं की जांच करेंगे जो मृत हो चुके है, स्थाई रूप से स्थानांतरित चुके है या एक से अधिक स्थानों पर उनका नाम मतदाता सूची में दर्ज है। उन्होंने बताया कि एसआईआर में विशेष बात यह है कि मतदाता को गणना प्रपत्र के साथ किसी अन्य दस्तावेज की आवश्यकता नहीं होगी। सभी ईआरओ और एईआरओ बीएलओ से प्राप्त गणना प्रपत्र के आधार पर ही मतदाताओं का नाम प्रारूप सूची में शामिल करेंगे। जिन मतदाताओं के नाम का पिछले एसआईआर से मिलान नहीं होगा, उन्हें नोटिस जारी किया जाएगा। निर्वाचक पंजीकरण अधिकारी द्वारा ऐसे मामलों की सुनवाई कर पात्रता निर्धारित करते हुए उनके नामों को अंतिम नामावली में शामिल करने या हटाने का निर्णय लिया जाएगा। निर्वाचक पंजीकरण अधिकारी के निर्णय के विरुद्ध प्रथम अपील डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट को की जा सकेगी। इसी प्रकार डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट के निर्णय के विरूद्ध भी द्वितीय अपील मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी को करने का प्रावधान किया गया है।
—-एसआईआर के प्रमुख चरण––
कलेक्टर श्री सूर्यवंशी ने बताया कि सर्वप्रथम सभी बीएलओस और निर्वाचक/सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। कार्यक्रम में समस्त राजनैतिक दलों की भागीदारी भी सुनिश्चित की जाएगी। जिसमें उन्हें विशेष गहन पुनरीक्षण के संबंध में समय-समय पर आवश्यक जानकारियों की ब्रीफिंग और राजनैतिक दलों से प्राप्त बूथ स्तर अभिकर्ताओं (बीएलएस) को प्रशिक्षण दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि बीएलएस मतदाताओं द्वारा भरे हुए गणना प्रपत्र एकत्र कर सकेंगे। प्रतिदिन अधिकतम 50 गणना प्रपत्र प्रमाणित कर सकते है और उन्हें बीएलओ को सौंप सकेंगे। कलेक्टर श्री सूर्यवंशी ने बताया कि 9 दिसंबर को प्रकाशित होने वाली प्रारूप मतदाता सूची में उन सभी निर्वाचकों का नाम शामिल होंगा, जिनके गणना प्रपत्र प्राप्त हो चुके होंगे। इसी प्रकार अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत या दोहराए गए नाम जो प्रारूप सूची में शामिल नहीं है उनकी सूची निर्वाचन आयोग की वेबसाइट या सार्वजनिक कार्यालयों में प्रदर्शित की जाएगी।
निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों द्वारा ऐसे मतदाताओं को नोटिस जारी किया जाएगा, जिनके नामों का पिछले एसआईआर से मिलान/लिंकिंग नहीं हो पाया है। ऐसे मतदाताओं की पात्रता सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक दस्तावेजों का सत्यापन और पिछली एसआईआर से उनकी स्थिति पर सुनवाई कर निर्णय लिया जाएगा। निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी को कोई भी मतदाता या मान्यता प्राप्त राजनैतिक दल का बीएलए दावा आपत्ति प्रस्तुत कर सकेगा। उन्होंने बताया कि वास्तविक मदाताओं विशेष रूप से वृद्ध, बीमार, दिव्यांग, गरीब तथा अन्य संवेदनशील वर्गों को परेशानी या उत्पीड़न न हो, उन्हें यथासंभव सभी आवश्यक सुविधाएं एवं सहायता प्रदान करने के लिए वॉलिंटियर्स की भी नियुक्ति की जाएगी। कलेक्टर श्री सूर्यवंशी ने बताया कि 27 अक्टूबर 2025 की स्थिति में जिले में 12 लाख 58 हजार 275 मतदाता है, जिनमें 6 लाख 34 हजार 883 पुरूष एवं 6 लाख 23 हजार 372 महिलाएं शामिल है।
कलेक्टर श्री सूर्यवंशी ने बैठक में उप जिला निर्वाचन अधिकारी को निर्देशित किया कि विशेष गहन पुनरीक्षण के निर्धारित कार्यक्रम का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए। उन्होंने कार्यक्रम की जानकारी को ग्राम पंचायत भवनों, मतदान केन्द्रों एवं शासकीय कार्यालयों में भी डिस्प्ले करने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों से आग्रह किया कि वे अपने बुथ लेवल अभिकर्ताओं की नियुक्ति कर जानकारी शीघ्र जिला कार्यालय को प्रेषित किया जाए, ताकि बीएलएस को प्रशिक्षण दिया जा सके।
बैठक में उप जिला निर्वाचन अधिकारी श्री मकसूद अहमद, भारतीय जनता पार्टी से श्री कैलाश धोटे, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस से श्री मोनू वाघ, श्री अंकित सिंह वर्मा, बहुजन समाजवादी पार्टी से अमर सिंह खातरकर, जादोराव सूर्यवंशी, आम आदमी पार्टी से शमीद अहमद फारूकी उपस्थित रहे।
4️⃣👉 शैक्षणिक गुणवत्ता बढ़ाने जिले के 126 स्कूलों में परीक्षा 29 अक्टूबर को

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बैतूल/कक्षा 9वीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों की शैक्षणिक गुणवत्ता में सुधार के उद्देश्य से जिले में 29 अक्टूबर को एजुकेशनल क्वालिटी इंप्रूवमेंट प्लान (EQIP) के तहत परीक्षा आयोजित की जाएगी। यह परीक्षा जिले के चिन्हित 126 शासकीय हाई स्कूल एवं उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों में एक साथ संपन्न होगी।
कार्यालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार विद्यार्थियों की शैक्षणिक क्षमता का विभिन्न मापदंडों पर आकलन करते हुए उपचारात्मक गतिविधियों के माध्यम से गुणवत्ता वृद्धि इस परीक्षा का मुख्य उद्देश्य है। परीक्षा पूर्णतः बहुविकल्पीय प्रश्नों पर आधारित होगी तथा दो घंटे की अवधि में आयोजित की जाएगी। परीक्षा से संबंधित गोपनीय सामग्री वितरण एवं तैयारी के लिए सोमवार को शासकीय कन्या उमावि बैतूल गंज में ब्रीफिंग का आयोजन किया गया, जिसमें सभी 126 शालाओं के प्राचार्य एवं नोडल अधिकारी उपस्थित रहे। इस दौरान जिला शिक्षा अधिकारी डॉ. अनिल कुशवाहा एवं विभागीय योजना अधिकारी श्री सुबोध शर्मा ने परीक्षा संचालन, उद्देश्य एवं आगामी प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि प्रदेश में कुल 4528 शालाएं इस योजना में शामिल हैं, जिनमें से बैतूल जिले की 126 शालाएं चयनित की गई हैं। परीक्षा परिणामों के आधार पर विद्यालयवार, विषयवार एवं जिलेवार स्तर पर मूल्यांकन किया जाएगा। इसके बाद संबंधित विषयों के शिक्षकों का प्रशिक्षण आयोजित किया जाएगा और उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यालयों, शिक्षकों एवं विद्यार्थियों को प्रोत्साहन स्वरूप शैक्षणिक भ्रमण एवं अन्य गतिविधियों में शामिल किया जाएगा। उल्लेखनीय है कि जिले की कुल 291 शासकीय हाई स्कूल एवं उमावि में से 126 शालाओं का चयन विभिन्न मापदंडों के आधार पर किया गया है। इस परीक्षा से प्राप्त विश्लेषणात्मक परिणामों को आगे उपचारात्मक शिक्षण की दिशा में नमूने के रूप में उपयोग किया जाएगा।
5️⃣👉स्ट्रेस मैनेजमेंट एवं लाइफस्टाइल पर एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित
बैतूल/शासकीय पॉलीटेक्निक महाविद्यालय मैं 28 अक्टूबर को स्ट्रेस मैनेजमेंट एवं लाइफस्टाइल पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। प्राचार्य ने बताया कि यह कार्यशाला मुख्य रूप से छात्राओं के लिए आयोजित की गई। कार्यशाला में मनोवैज्ञानिक सलाहकार एवं शिक्षाविद मानसी शुक्ला ने छात्राओं के सर्वांगीण विकास, संबंधों की जटिलताएं, आत्मघाती प्रवृत्तीयों की रोकथाम आदि विषयों पर विस्तार से अपने विचार रखें। इस अवसर पर शासकीय पॉलिटेक्निक महाविद्यालय की छात्रा एवं महिला लोकसवक उपस्थित रही।
6️⃣👉लापरवाही पर ग्राम पंचायत सचिव की सेवा समाप्त
ग्राम पंचायत बांसिदा के सचिव सुनील पांसे को सेवा से किया पृथक
बैतूल/मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री अक्षत जैन ने भीमपुर जनपद पंचायत की ग्राम पंचायत बांसिदा के सचिव श्री सुनील पांसे के विरुद्ध निरंतर कार्य के प्रति लापरवाही की शिकायतें प्राप्त होने पर सेवा समाप्त किए जाने की कार्यवाही की है।प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्राम पंचायत बांसिदा के सचिव सुनील पांसे के विरूद्व निरंतर कार्य के प्रति लापरवाही की शिकायत प्राप्त होने पर उनके विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही प्रारंभ की गई थी। शिकायतों की जांच के बाद यह पाया गया कि सचिव श्री पांसे द्वारा ग्राम पंचायत मुख्यालय से अनाधिकृत रूप से अनुपस्थित रहना, निर्माण कार्यों से संबंधित नस्तियां एवं अभिलेखों का संधारण न करना, जनपद पंचायत स्तर से जारी कारण बताओ सूचना पत्रों का जवाब प्रस्तुत न करना, सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों का संतोषजनक निराकरण न करना तथा समग्र ई-केवाईसी और प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के कार्यों में लापरवाही करना जैसे आरोप सत्य पाए गए हैं। जांच रिपोर्ट के आधार पर यह स्पष्ट हुआ कि श्री सुनील पांसे का आचरण शासकीय कार्य के प्रति गंभीर लापरवाही और अनुशासनहीनता की श्रेणी में आता है।प्रकरण की गंभीरता को दृष्टिगत रखते हुए मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत बैतूल श्री अक्षत जैन ने म.प्र. पंचायत सेवा (ग्राम पंचायत सचिव भर्ती एवं सेवा की शर्तें) नियम 2011 के नियम 7(3)(क) के तहत सुनील पांसे, ग्राम पंचायत सचिव, ग्राम पंचायत बांसिदा, जनपद पंचायत भीमपुर की सेवाएं समाप्त कर दी हैं।