जहां कभी पान ठेले में विराजते थे श्री गणेश, वहां आज मना रहे सबसे बड़ा गणेशोत्सव
इस बार समुद्र मंथन करते विराजे गणेश बने आकर्षण का केंद्र
✓जहां कभी पान ठेले में विराजते थे श्री गणेश, वहां आज मना रहे सबसे बड़ा गणेशोत्सव
✓इस बार समुद्र मंथन करते विराजे गणेश बने आकर्षण का केंद्र
✓ग्रामीण क्षेत्रों से प्रतिमा देखने के लिए उमड़ रही भीड़
परिधि न्यूज बैतूल

गणेशोत्सव का पर्व इस बार बैतूल के लोहिया वार्ड में खास बन गया है। हर साल नव ज्योति गणेश उत्सव समिति श्री गणेश जी अलग-अलग रूप में विराजते हैं और यही सबसे बड़ी खासियत है, जिसके कारण न सिर्फ बैतूल शहर बल्कि आसपास के गांवों से भी हजारों की संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए आ रहे हैं। इस वर्ष गणपति बप्पा का भव्य स्वरूप समुद्र मंथन थीम पर तैयार किया गया है। लगभग 12 फीट ऊंची और 14 फीट चौड़ी प्रतिमा जब पंडाल में विराजी तो मानो पूरा माहौल भक्ति और दिव्यता से भर गया। विशाल प्रतिमा का दर्शन कर भक्तों के चेहरे पर अद्भुत आस्था और उत्साह झलक रहा है।
गणेश मंडल की शुरुआत बेहद साधारण तरीके से हुई थी। आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण कार्यकर्ता शुरुआत में छोटे से पान ठेले पर ही गणेश प्रतिमा स्थापित करते थे, लेकिन आज वहीं मंडल श्रद्धा और सामूहिक प्रयासों की मिसाल बन चुका है। मंडल के कई सदस्य आज भी बेहद साधारण पृष्ठभूमि से आते हैं कोई चने बेचने वाला है, कोई ऑटो चलाकर परिवार का भरण-पोषण करता है, तो कोई मनिहारी की दुकान या फूलों की छोटी दुकान चलाता है। गरीबी के बावजूद सभी कार्यकर्ता तन, मन और धन से मिलकर इस आयोजन को भव्य बनाने में जुट जाते हैं। उनकी मेहनत और आस्था का ही परिणाम है कि आज मंडल का आयोजन पूरे जिले में प्रसिद्ध हो चुका है। हर साल गणेश जी की प्रतिमा का अलग रूप न केवल श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का केंद्र बनता है बल्कि समाज में यह संदेश भी देता है कि सच्ची भक्ति और सामूहिकता से कोई भी कार्य असंभव नहीं है। बप्पा के भव्य दरबार में हर रोज सुबह-शाम भजन, आरती और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की गूंज रहती है। श्रद्धालुओं का कहना है कि यहां आकर आत्मिक शांति और दिव्यता का अनुभव होता है।
पानठेले से शुरु हुआ था प्रतिमा स्थापित करने का सफर

समिति के अध्यक्ष नंदू मामा, उपाध्यक्ष हर्ष मालवी बताते हैं कि छोटे रूप में यहां श्री गणेश प्रतिमा स्थापित करने की शुरुआत पानठेले में हुई थी और जिले के सबसे बड़े गणेश उत्सव के रूप में कार्यकर्ता अपना तन-मन धन लगा रहे हैं। समिति के दीपक सलूजा, अतीत पवार, कुशकुंज अरोरा ने बताया कि गणेश मंडल द्वारा हर साल अलग- अलग रूप में गणेश प्रतिमा स्थापित कर विराट झांकी तैयार की जाती है, यही लोगों के आकर्षण का केंद्र रहता है। इसे देखने के लिए दूरदराज से लोग पहुंचते है। मंडल के कार्यकर्ताओं ने सभी श्रद्धालुओं से आकर्षक प्रतिमा और झांकी के दर्शन लाभ लेने का आग्रह किया है।
