Betul and MP Latest News

एयरफोर्स ज्वाइन करने से एक दिन पहले रची गई मौत की साजिश का पर्दाफाश:जमीन हड़पने की लालच, पुरानी रंजिश और सुनियोजित षड्यंत्र ने ली होनहार युवक की जान

 ➡️बैतूल पुलिस ने वैज्ञानिक विवेचना एवं तकनीकी साक्ष्यों के आधार किया सनसनीखेज हत्याकांड का खुलासा

परिधि न्यूज बैतूल

बैतूल पुलिस द्वारा गंभीर अपराधों के त्वरित एवं वैज्ञानिक अनुसंधान की नीति के तहत पुलिस अधीक्षक  वीरेन्द्र जैन के कुशल निर्देशन में हत्या जैसे जघन्य अपराधों के शीघ्र निराकरण हेतु लगातार प्रभावी कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कमलेश कुमार खरपुसे के मार्गदर्शन एवं एसडीओपी भैंसदेही श्री भूपेन्द्र सिंह मौर्य के पर्यवेक्षण में थाना आठनेर पुलिस ने ग्राम पुसली में घटित एक अत्यंत जघन्य एवं सुनियोजित हत्याकांड का सफलतापूर्वक खुलासा करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। प्रकरण में अन्य संलिप्त व्यक्तियों की भूमिका की भी विधिसम्मत जांच जारी है। 25 जुलाई 2026 को थाना आठनेर में ग्राम पुसली निवासी मोहित पिता मंचित गलफट*के घर नहीं लौटने पर गुमशुदगी दर्ज कराई गई, जिस पर थाना आठनेर में अपराध क्रमांक 189/2026 धारा 140(3) बीएनएस पंजीबद्ध किया गया।अगले दिन दिनांक 26/07/2026 को परिजनों द्वारा खेत के समीप मृतक के जूते एवं मोबाइल संदिग्ध अवस्था में पड़े होने की सूचना पुलिस को दी गई।सूचना मिलते ही थाना प्रभारी आठनेर निरीक्षक नरेन्द्र सिंह परिहार पुलिस बल सहित मौके पर पहुंचे एवं घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया। घटनास्थल की परिस्थितियां संदिग्ध पाए जाने पर तत्काल वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराया गया।पुलिस अधीक्षक श्री के निर्देशानुसार एसडीओपी भैंसदेही भूपेन्द्र सिंह मौर्य एवं सीन ऑफ क्राइम एक्सपर्ट निरीक्षक आबिद अंसारी द्वारा 26 जुलाई को घटनास्थल का वैज्ञानिक परीक्षण कर महत्वपूर्ण भौतिक एवं तकनीकी साक्ष्य संकलित किए गए।एसडीआरएफ टीम द्वारा खेत में बने सभी 3–4 कुओं की गहन तलाशी ली गई। तलाशी के दौरान एक कुएं से मोहित का शव बरामद हुआ। शव के गले में वायर कसकर लिपटा हुआ था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गला घोंटकर हत्या किए जाने की पुष्टि होने पर प्रकरण में हत्या की धाराओं 103(1), 238 बीएनएस का इजाफा किया गया।

एसपी ने स्वयं किया घटनास्थल का निरीक्षण
प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक  वीरेन्द्र जैन स्वयं दिनांक 27 जुलाई को घटनास्थल पहुंचे, घटनास्थल का सूक्ष्म निरीक्षण किया तथा विशेष जांच दल गठित कर वैज्ञानिक एवं तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर शीघ्र खुलासा करने के निर्देश दिए। उन्होंने मृतक के परिजनों से भेंट कर आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी एवं निष्पक्ष जांच का भरोसा भी दिलाया।

ऐसे रची गई हत्या की पूरी साजिश

विशेष जांच दल द्वारा तकनीकी विश्लेषण, वैज्ञानिक साक्ष्यों, घटनास्थल निरीक्षण एवं आरोपियों के मेमोरेंडम के आधार पर जो तथ्य सामने आए, वे अत्यंत चौंकाने वाले हैं।जांच में सामने आया कि हत्या की योजना लगभग 20 दिन पूर्व ही बना ली गई थी। मृतक मोहित की बहन शिवानी ने राजा मस्की के साथ प्रेम विवाह किया था। इसके बाद राजा मस्की की नजर अपने ससुर मंचित गलफट की लगभग 7-8 एकड़ कृषि भूमि पर थी। राजा मस्की का मानना था कि यदि मोहित रास्ते से हट जाएगा तो भविष्य में यह जमीन उसकी पत्नी शिवानी के माध्यम से उसके कब्जे में आ सकती है।दूसरी ओर संजय एवं आकाश का परिवार भी मंचित एवं मोहित से वर्षों से खेत, सिंचाई, पाइप लाइन, कुएं के पानी तथा खेत में पार्टी करने को लेकर विवाद रखता था। इन विवादों के कारण दोनों पक्षों में लगातार मनमुटाव बना हुआ था।जांच में यह तथ्य भी सामने आया कि जब संजय एवं आकाश ने अपने परिवार में इस विवाद का उल्लेख किया, तब आकाश के पिता नारायण ने भी उन्हें मोहित को रास्ते से हटाने के लिए उकसाया तथा यह विश्वास दिलाया कि घटना के बाद वह उन्हें बचा लेगा। पुलिस इस संबंध में प्राप्त तथ्यों की विधिक जांच कर रही है।इसी दौरान आरोपियों को जानकारी मिली कि मोहित का चयन भारतीय वायुसेना (Air Force) में हो चुका है तथा उसे 26 जुलाई 2026 को प्रशिक्षण के लिए रवाना होना है। आरोपियों को आशंका थी कि यदि मोहित नौकरी पर चला गया तो भविष्य में उनकी योजना कभी सफल नहीं होगी। इसी कारण हत्या की साजिश को तत्काल अंजाम देने का निर्णय लिया गया।राजा मस्की, संजय एवं आकाश ने लगभग 20 दिन पहले बैठकर हत्या की पूरी योजना तैयार की तथा तय किया कि मोहित की हत्या कर शव को इस प्रकार छिपाया जाएगा कि घटना दुर्घटना अथवा गुमशुदगी प्रतीत हो।

ऐसे दिया वारदात को अंजाम

मृतक मोहित गलफट पिता मंचित

25 जुलाई 2026 की रात मोहित एयरफोर्स में चयन की खुशी में गांव के मंदिर में प्रसाद चढ़ाने एवं वितरण के लिए गांव की दुकान से सोनपापड़ी खरीदकर लौट रहा था।इसी दौरान संजय एवं आकाश उसे दूसरे मंदिर चलने का बहाना बनाकर मोटरसाइकिल पर बैठाकर गांव से बाहर खेत स्थित झोपड़ी पर ले गए, जहां राजा मस्की पहले से मौजूद था। झोपड़ी में पहुंचते ही तीनों आरोपियों ने मोहित को पकड़ लिया। संजय एवं राजा ने उसके दोनों हाथ पकड़ लिए, जबकि आकाश ने वायर उसके गले में कई बार लपेटकर कस दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मृत्यु हो गई। हत्या के बाद आरोपियों ने शव को बोरी में भरकर खेत में बने तीसरे कुएं में फेंक दिया।पुलिस को गुमराह करने के उद्देश्य से मृतक के जूते दूसरे कुएं के पास फेंक दिए, जबकि संघर्ष के निशान पहले कुएं के पास छोड़े गए। मृतक का मोबाइल आरोपी की झोपड़ी में ही छूट गया, जो विवेचना में महत्वपूर्ण साक्ष्य सिद्ध हुआ।आरोपियों ने ऐसा स्थान चुना था जहां सामान्यतः कोई नहीं आता-जाता, जिससे उन्हें विश्वास था कि हत्या का लंबे समय तक खुलासा नहीं हो सकेगा। किंतु बैतूल पुलिस की वैज्ञानिक विवेचना, तकनीकी विश्लेषण एवं घटनास्थल से प्राप्त साक्ष्यों ने पूरे षड्यंत्र का पर्दाफाश कर दिया।

आरोपी गिरफ्तार
पुलिस ने संजय उर्फ पिंटिया गलफट पिता वामन गलफट, आकाश पिता नारायण गलफट, निवासी पुसली एवं राजा मस्की पिता उमेश मस्की निवासी पूसली (मृतक का जीजा) तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय भैंसदेही में प्रस्तुत किया जा रहा है।प्रकरण में अन्य व्यक्तियों की भूमिका की भी विधिसम्मत जांच जारी है।इस कार्रवाई में एसडीओपी भैंसदेही  भूपेन्द्र सिंह मौर्य, एसडीओपी मुलताई  शिव कुमार सिंह, उप पुलिस अधीक्षक  दिनेश आर्मो, थाना प्रभारी आठनेर निरीक्षक नरेन्द्र सिंह परिहार, सीन ऑफ क्राइम एक्सपर्ट निरीक्षक आबिद अंसारी, निरीक्षक अंजना धुर्वे, एसडीआरएफ टीम, उप निरीक्षक मांगीलाल ठाकरे, सउनि दिनेश धुर्वे, सउनि गंभीर रघुवंशी, सउनि संतोष चौधरी, प्रधान आरक्षक निर्मल पवार, प्रधान आरक्षक पंकज बटके , आरक्षक मनीष पटेल, आरक्षक विप्लव मिरासी आरक्षक बीरबल मीणा, प्रधान आरक्षक सुभाष माकोड़े, साइबर सेल आर. राजेंद्र धाडसे, आर बलराम राजपूत, आर अनिरूद्ध यादव, आर नितिन चौहान एवं विशेष जांच दल के अधिकारियों एवं कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

You might also like
Leave A Reply

Your email address will not be published.