पहली बार कलेक्टरी संभालेंगे डॉ सौरभ संजय सोनवणे, राजनीतिक दबाव में नहीं समन्वय से होंगे बैतूल में काम
✓स्वास्थ्य, शिक्षा, शासन की योजनाओं का 100 प्रतिशत क्रियान्वयन प्राथमिकता
✓11 अप्रैल को संभाल सकते है पदभार, घोटालो पर अपनाएंगे जीरो टॉलरेंस
गौरी बालापुरे पदम/ परिधि न्यूज विशेष बैतूल

जिले के लिए तेज तर्रार कलेक्टर नरेन्द्र कुमार सूर्यवंशी का कार्यकाल यादगार रहेगा। उनकी ताबड़तोड़ कार्य करने की शैली और अधिकारियों में खौफ के अलावा उनके कार्यकाल में बैतूल को कई उपलब्धियां और सम्मान भी मिले है। अब बैतूल जिले की कमान संभालने जा रहे है आईएएस डॉ सौरभ संजय सोनवाणे। डॉ सोनवणे के लिए बैतूल जिला पहली कलेक्टरी वाला जिला होने की वजह से प्रयोगशाला हो सकता है। रीवा के निगम आयुक्त रहे सौरभ संजय सोनवणे 2017 के आईएएस अधिकारी है। उन्होंने तीसरे प्रयास में यूपीएससी परीक्षा उत्तीर्ण कर सफलता प्राप्त की थी।


एनसीसी कैडेट के रुप में छात्र जीवन में राजपथ पर महाराष्ट्र का प्रतिनिधित्व भी वे कर चुके है। डॉ सौरभ संजय पूर्व में रीवा एवं नरसिंहपुर में सीईओ एवं खंडवा में एडिशनल कलेक्टर भी रह चुके है। परिधि न्यूज से चर्चा में उन्होंने बताया कि वे आज शुक्रवार को बैतूल के लिए रवाना हो रहे है। संभवत: कल शनिवार को जिले की बागडोर संभाल लेंगे।
स्वास्थ्य, शिक्षा और योजनाओं का सौ प्रतिशत क्रियान्वयन प्राथमिकता

परिधि न्यूज से चर्चा में डॉ सौरभ संजय ने बताया कि आदिवासी जिले में स्वास्थ्य एवं शिक्षा के अलावा शासन की योजनाओं का पारदर्शिता के साथ सौ प्रतिशत क्रियान्वयन हो यह उनकी प्राथमिकता होगी। इसके अलावा उन्होंने बताया कि वैसे तो प्रत्येक फील्ड में स्कोप रहता है वे बैतूल आने के बाद ही आवश्यकताओं के अनुरुप एक्शन प्लान पर काम हो सकेगा। जिले में पुलिस एवं नागरिकों के समन्वय के साथ महिलाओं को लेकर भी सुरक्षित माहौल बना रहे इस दिशा में कार्य करेंगे। श्री सोनवणेे ने बताया बतौर कलेक्टर यह उनकी पहली पदस्थापना है। प्रशासनिक, राजनीतिक एवं सामाजिक समन्वय के साथ ही वह काम करेंगे।
भ्रष्टाचार और घोटालों पर अंकुश लगाने जीरो टॉलरेंस
श्री सोनवाणे ने साफतौर पर कहा कि प्रशासनिक घोटाले, गबन या भ्रष्टाचार के मामले में वे जीरो टॉलरेंस नीति अपनाएंगे। यानि साफ है कि नियम उल्लंघन, अपराध, भ्रष्टाचार या अनैतिक व्यवहार बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। गौरतलब है कि बैतूल जिला घोटालों के लिए भी बदनाम जिलों में शामिल रहा है। यहां का एसबीएम घोटाला, छात्रवृत्ति घोटाला काफी सुर्खियों में रहा है।
राजनीतिक दबाव में नहीं समन्वय से करेंगे काम

इस समय बैतूल जिले के राजनेता शीर्ष पदों पर है। बैतूल विधायक हेमंत खण्डेलवाल भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष एवं सांसद डीडी उईके केन्द्रीय राज्य मंत्री के पद पर है। मोहन नागर जन अभियान परिषद के उपाध्यक्ष के पद पर आसीन है इसके अलावा चार विधायक का भी अपना वर्चस्व है ऐसे में कलेक्टर क्या राजनीतिक दबाव में कार्य कर सकते है सवाल पर डॉ संजय सौरभ ने कहा कि राजनीतिक दबाव में नहीं लेकिन समन्वय के साथ वे जिले के लिए शासन के एक्शन प्लान पर कार्य करेंगे। उनका मानना है कि जिले में यदि बड़े लोग होते है तो उसका लाभ भी जिले को मिलता है। जिले के विकास एवं विभिन्न मामलों में इसका फायदा ही जिले को होगा। उनका पूरा प्रयास यही होगा कि बिना किसी पोलिटिकल प्रेशर के वे जिले के सर्वांगीण विकास की दिशा में कार्य करें।