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डॉक्टर ने ईलाज कराने पहुंची आदिवासी युवती का जबरदस्ती उतारा अंतर्वस्त्र, किया बेड टच

➡️डॉक्टर ने ईलाज कराने पहुंची आदिवासी युवती का जबरदस्ती उतारा अंतर्वस्त्र, किया बेड टच
➡️पट्टन के निजी क्लीनिक में मामा के बेटे के साथ उपचार के लिए गई थी युवती
➡️युवती को चेक करने के बहाने डॉक्टर अश्विन मालवीय ने कर दिया था क्लीनिक का दरवाजा बंद
परिधि न्यूज बैतूल

डॉक्टर को भगवान का रुप कहा जाता है लेकिन आए दिन कई ऐसे घटनाक्रम सामने आ रहे है जिससे मरीज और डॉक्टर के रिश्तें की विश्वसनीयता भंग होती है। बैतूल जिले में एक सनसनीखेज मामला सामने आया है जिसमें एक आदिवासी युवती को निजी क्लीनिक के संचालक डॉक्टर ने अपने क्लीनिक का दरवाजा बंद कर उपचार के बहाने बेड टच किया। युवती ने मुलताई थाने में इस मामले में रिपोर्ट दर्ज कराई है। युवती का आरोप है कि डॉक्टर ने जबरदस्ती उसका अंतर्वस्त्र उतारकर उसके प्राईवेट पार्ट और चेस्ट पर बेड टच किया। पीडि़ता डॉक्टर के विरुद्ध कड़ी से कड़ी कार्रवाई चाहती है। उक्त मामले में मुलताई पुलिस ने आरोपी डॉक्टर के विरुध पीडि़ता की रिपोर्ट पर धारा 74, 75 (2), 76 बीएनएस, 3(1)(w)(i),3(2)1va एससी/एसटी एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज का विवेचना में लिया है।
प्राईवेट पार्ट में जलन होने पर उपचार के लिए गई थी युवती
मुलताई थाना क्षेत्र के गांव से 18 वर्षीय आदिवासी युवती अपने मामा के बेटे एवं उसके दोस्त के साथ गुरुवार 2 अप्रैल को सुबह 10 बजे पट्टन में डॉ अश्विन मालवीय के क्लीनिक गई थी। प्राईवेट पार्ट में जलन की वजह से युवती उपचार कराने पट्टन के निजी क्लीनिक गईथी। जानकारी के अनुसार अश्विन मालवी एवं उनकी पत्नी एक ही क्लीनिक में प्रेक्टिस करते है। डॉ अश्विन मालवी बीएएमएस एवं उनकी पत्नी बीएचएमएस है। क्लीनिक में आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से बड़ी संख्या में महिला मरीज उपचार के लिए आती है। आज जिस समय युवती उपचार के लिए पहुंची उस वक्त क्लीनिक में उनकी पत्नी मौजूद नहीं थी। युवती द्वारा पुलिस में दर्ज कराई रिपोर्ट के मुताबिक जब उसने डॉक्टर अश्विन को अपनी परेशानी बताई तो उन्होंने पर्ची बनाई और उपचार करने लगे, इस दौरान डॉक्टर ने पर्ची पर दवा लिखकर मामा के बेटे को मेडिकल स्टोर से दवा लाने के लिए भेज दिया।

क्लीनिक का दरवाजा बंद करके की अश्लील हरकते

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डॉक्टर ने युवक के क्लीनिक से बाहर जाने के बाद क्लीनिक का गेट अंदर से बंद कर दिया। युवती ने महिला स्टाफ के संबंध में पूछने पर मना कर दिया और लेटने के लिए कहा। डॉक्टर ने युवती को पर्सनल पार्ट दिखाने के लिए कहा, मना करने पर जबरदस्ती यह कहकर अंतर्वस्त्र निकाल दिया कि चेक तो करना ही पड़ेगा। डॉ ने यहां मरीज और डॉक्टर की रिश्तों की मर्यादा पार करते हुए युवती को प्राईवेट पार्ट और चेस्ट पर बेड टच किया जब युवती ने डॉक्टर का विरोध कर हटाया तो पलटकर लेटने के लिए कहा और एक इंजेक्शन कमर पर लगाकर डॉक्टर दरवाजा खोलकर बाहर निकल गए। दवा लेकर मेडिकल से वापस आकर युवती के मामा का बेटा क्लीनिक के सामने ही बैठा था, जो युवती को लेकर गांव आ गया। घर पहुंचकर युवती ने अपने साथ हुए घटनाक्रम की जानकारी दी। मामा के बेटे ने रिपोर्ट करने की समझाईश और हिम्मत दी। जिसके बाद दोनों मुलताई थाने पहुंचे और यहां धारा 74, 75 (2), 76 बीएनएस, 3(1)(w)(i),3(2)1va एससी/एसटी एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज का विवेचना में लिया गया।
महिला रोग विशेषज्ञ भी कुंवारी युवतियों को नहीं करती चेक
प्राईवेट पार्ट में जलन की शिकायत लेकर युवती निजी क्लीनिक पहुंची थी, लेकिन जिस तरह से उसके साथ डॉक्टर ने अश्लील ल हरकतें की वह शर्मसार करने वाली है। किसी महिला या पीडि़ता की जब किसी पुरुष डॉक्टर द्वारा जांच की जाती है तो जांच के दौरान किसी न किसी महिला स्टाफ की मौजूदगी अनिवार्य होती है।महिला डॉक्टर ही चेकअप करती है। जानकारों की माने तो डॉ अश्विन मालवीय को इस मामले में जांच करनी ही नहीं थी क्योंकि इस क्लीनिक में महिलाओं की निजी समस्याओं को लेकर जांच उनकी पत्नी द्वारा की जाती है। कायदे से दोनों पति पत्नी इस जांच के लिए पात्र ही नहीं है। डॉक्टर की मंशा शुरु से ही गलत थी। इस मामले में रिपोर्ट न लिखवाने के लिए भी पीडि़त पक्ष पर दबाव बनाया गया और लेन-देन कर मामला शांत करने की कोशिश की गई, लेकिन युवती ने अपने साथ हुए शोषण के विरुद्ध बिना डरे शिकायत की। गौरतलब है कि प्राइवेट पार्ट से संबंधित समस्याएं लेकर जब कुंवारी लड़कियां महिला रोग विशेषांक पास जाती है तो बहुत ज्यादा गंभीर समस्या होने पर ही वे चेक करती है।युवती ने डॉक्टर के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की मांग की है।

            इनका कहना…
इस तरह का मामला मुलताई थाने में आया था। जुलूस में व्यस्त होने की वजह से फालोअप नहीं ले पाये। यह जानकारी फिलहाल नहीं है कि एफआईआर या गिरफ्तारी इस मामले में हुई या नहीं।
कमला जोशी, एएसपी बैतूल

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