Betul and MP Latest News

भ्रष्टाचार हो या शिष्टाचार हर मामले में श्रेष्ठ भीमपुर:अंग्रेजी आश्रम में अधीक्षक के निलंबित होने के बाद बीईओ को उसी संस्था- संकुल में नहीं मिल पाया योग्य अधीक्षक

✓भ्रष्टाचार हो या शिष्टाचार हर मामले में श्रेष्ठ भीमपुर:अंग्रेजी आश्रम में अधीक्षक के निलंबित होने के बाद बीईओ को उसी संस्था- संकुल में नहीं मिल पाया योग्य अधीक्षक
✓50 किमी दूर से शिक्षक को बनाया भीमपुर अंग्रेजी आश्रम का अधीक्षक
परिधि न्यूज बैतूल

भारी जमीन प्राथमिक शाला फाइल फोटो

चाहे भ्रष्टाचार हो या शिष्टाचार बैतूल का आदिवासी बाहुल्य भीमपुर हर मामले में श्रेष्ठ है।एसबीएम घोटाला में भीमपुर की भागीदारी इस तथ्य पर मुहर भी लगाती है। ताज़ा मामला नियमों अनदेखी और विद्यार्थियों के भविष्य से खिलवाड़ से जुड़ा है। कुछ दिनों पहले भीमपुर विकासखंड मुख्यालय पर संचालित अंग्रेजी आश्रम के अधीक्षक को निलंबित कर दिया गया और अधीक्षक के निलंबन के बाद नियम कायदे ताक पर रखकर अंग्रेज़ी आश्रम और इस संकुल के किसी शिक्षक को प्रभार न देते हुए 50 किमी दूर गुरुवा पिपरिया की भारी जमीन प्राथमिक शाला में पदस्थ शिक्षक को प्रभारी नियुक्त किया गया।भीमपुर क्षेत्र में चर्चा है कि बिना लेनदेन के या संभव नहीं है।
यह है पूरा मामला
प्राप्त जानकारी के अनुसार भीमपुर आदिवासी अंचल में नियम कायदों को ताक पर रखते हुए विकासखंड शिक्षा अधिकारी विशाल भोपले ने भीमपुर मुख्यालय से 50 किलोमीटर दूर गुरुवा पिपरिया संकुल के अंतर्गत आने वाले प्राथमिक शाला भारी जमीन से एक शिक्षक को अधीक्षक के रूप में भीमपुर अंग्रेजी आश्रम में अटैच किया हुआ है। शासन की गाइडलाइन के अनुसार इस संकुल में या इस संस्थान में कार्य करने वाले शिक्षक को अंग्रेजी आश्रम का वैकल्पिक दृष्टि से अधीक्षक बनाने का प्रावधान है, परंतु विकासखंड शिक्षा अधिकारी ने शासन के समस्त नियमों को तक पर रखते हुए 50 किलोमीटर दूर भारी जमीन से शिक्षक नजर सिंह को अधीक्षक के रूप में भीमपुर में अटैच कर दिया, जबकि मध्य प्रदेश शासन की गाइडलाइन में अटैचमेंट शब्द ही समाप्त कर दिया गया है। प्राथमिक शाला भारी जमीन भीमपुर से 50 किमी दूर है। इतनी दूर के शिक्षक को अंग्रेजी आश्रम में अधीक्षक बनाने के पीछे अधिकारियों की सांठ गांठ से इनकार नहीं किया जा सकता। इस पूरे मामले में बीईओ ने पल्ला झाड़ते हुए यह कहकर किनारा कर लिया कि अधीक्षक को प्रभार सहायक आयुक्त द्वारा दिया गया है। उनसे इस मामले में कोई प्रस्ताव नहीं मांगा गया।यह भी हैरत की बात है कि आखिर सहायक आयुक्त को आश्रम और संकुल के बाहर 50 किमी दूर संचालित शाला के शिक्षक के संबंध में आखिर जानकारी दी किसने?
भारी जमीन के स्कूल में लगाना न पड़ जाए ताला
गौरतलब है कि भारी जमीन गुरुवा पिपरिया स्कूल में पदस्थ एक शिक्षिका ब्लैक बोर्ड पर नकल करवाने के मामले में निलंबित कर दी गई थी। यहां पदस्थ एक शिक्षक का कुछ महीनों पहले ही शाहपुर ट्रांसफर हुआ है ऐसी स्थिति में शिक्षक नजर सिंह को भी प्रभारी अधीक्षक बनाकर अंग्रेजी आश्रम में अटैच करने से भारी जमीन के स्कूल पर ताला लगाने की नौबत आ सकती है। एक तरफ शासन बच्चों को शिक्षा से जोड़ने के लिए तमाम कवायद कर रहा है वही दूसरी ओर थोड़े से लालच के लिए बच्चों का भविष्य दांव पर लगाया जा रहा है।

इनका कहना…

मुझे इस विषय में कोई जानकारी नहीं है। सहायक आयुक्त के द्वारा ही डायरेक्ट नियुक्ति की गई।इस संबंध में मुझसे कोई प्रस्ताव नहीं लिया गया।

विशाल भोपले, बीईओ, भीमपुर

middle post add
You might also like
Leave A Reply

Your email address will not be published.