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आर के मेमोरियल हॉस्पिटल में जन्मा 24 उंगलियों वाला बच्चा, डॉक्टर भी हैरत में

✓आर के मेमोरियल हॉस्पिटल में जन्मा 24 उंगलियों वाला बच्चा, डॉक्टर भी हैरत में

✓हाथ या पैर में 6 उंगलियां होना  पॉलीडैक्टली 

✓माता-पिता मान रहे ईश्वर का वरदान

गौरी बालापुरे पदम परिधि न्यूज

यकीनन आप किसी न किसी ऐसे सख्स से परिचित होगें जिसके हाथ या पैर में छह उंगलियां हो लेकिन क्या आपने कभी सुना या देखा है कि किसी के दोनों हाथों और दोनों पैरों में छह-छह उंगलियां हो! मध्यप्रदेश में तो संभवत: ऐसा पहला मामला सामने आया है। बैतूल जिले के आरके मेमोरियल हास्पीटल में एक ऐसे ही बच्चे ने जन्म लिया है जिसके दोनों हाथों और पैरों में छह-छह उंगलिया है। आरके मेमोरियल हास्पीटल की संचालक डॉ कृष्णा मौसिक की देखरेख में 27 जनवरी 2026 को सुबह 9.38 इस बच्चे का जन्म हुआ है। नवजात बच्चे के माता-पिता इसे ईश्वर का चमत्कार मान रहे है, वहीं डॉक्टर भी हैरान है। संभवत: यह मध्यप्रदेश का पहला केस है जिसमें किसी बच्चे की 24 उंगलियां है।
डॉक्टर कृष्णा मौसिक ने परिधि न्यूज से चर्चा में बताया कि यह का कहना है कि ऐसा होना दुर्लभ घटना है कि किसी बच्चे के हर हाथ व हर पैर में एक्स्ट्रा उंगली हो। बच्चे के जन्म के बाद जब डॉक्टर ने बच्चे की 24 उंगलियां होने की जानकारी पिता एवं परिजनों भी हैरत में पड़ गए। गौरतलब है कि हाथ या पैर में 6 उंगलियां होना, पॉलीडैक्टली कहलाता है। यह एक सामान्य जन्मजात स्थिति है। जो आमतौर आनुवांशिक होती है। पॉलीडैक्टली एक ऐसी स्थिति होती है, जिसमें किसी व्यक्ति के हाथ या पैर की उंगलियां सामान्य से ज़्यादा होती हैं। हालांकि ज्यादातर केस में हाथ की छोटी अंगुली या पैर के छोटे अंगूठे की तरफ अतिरिक्त अंगुली होती है। यह बच्चे के जन्म से पहले ही विकसित हो जाती है। जब बच्चे के हाथ और पैर मां के गर्भ में पहली बार बनते हैं तो उनका आकार दस्ताने जैसा होता है। इसके बाद अंगुलियां बनती है। इस दौरान ही यह अतिरिक्त अंगुली बन सकती है।
15 वर्षों में पहली बार देखा ऐसा : डॉ कृष्णा मौसिक

डॉ कृष्णा मौसिक गत 15 वर्षों से बतौर गायनोकोलॉजिस्ट सेवाएं दे रही है। वह बताती है कि 15 वर्षों में उन्होंने पहली मर्तबा ऐसा केस देखा जिसमें किसी बच्चे के हाथ और पैर में एक-एक अतिरिक्त उंगली हो। हालांकि एक हाथ या एक पैर में छह उंगली होने के कई मामले होते है लेकिन यह दुर्लभ है। शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ आयुष श्रीवास्तव शिशु रोग विशेषज्ञ ने बताया कि यह पॉलीडैक्टली कहलाता है। आनुवांशिक विकृति का यह लक्षण है। बचपन में इसका इलाज करना आसान होता है। लेकिन यदि बच्चे की उम्र बड़ी होने लगती है तो इलाज में काफी परेशानी आती है, क्योंकि अंगुली की साइज बड़ी हो जाती है। हालांकि इससे बच्चों के आम जीवन में कोई परेशानी नहीं होती है।
बिहार के गया में है 24 उंगलियों वाले सदस्यों का परिवार
गया से करीब 25 किलोमोटर की दूरी पर स्थित है अतरी प्रखंड का टेउसा गांव। इस गांव में रहता है बुजुर्ग महिला सितबिया देवी का परिवार, जिसकी पहचान आस-पास के इलाके में 24 अंगुली वाले परिवार के रूप में बनी हुई है। सितबिया देवी के ससुर सुखाड़ी चौधरी की मां मानो देवी इस परिवार में 24 अंगुली लेकर आई थीं, जिसके बाद पीढ़ी-दर-पीढ़ी जन्म लेने वाले लडक़े और लड़कियों के हाथ-पैर मिलाकर 20 की जगह 24 अंगुलियां हैं। अब 24 अंगुलियों वाले सदस्यों की कुल संख्या 20 के पार हो गई है। बुजुर्ग हो चुकी सितबिया देवी 20 की जगह 24 अंगुलियों को ईश्वर का वरदान मानती हैं।
यदि हाथों में 12 उंगलियां हो तो कैसे बनेगा आधार

जिनके हाथों में 12 उंगलियां होती है उनका आधार कार्ड बनाते समय उगलियां स्कैन करते वक्त क्या नियम है यह जानने का प्रयास भी परिधि न्यूज ने किया। आधार सेंटर सदर के ऑपरेटर नवीन विश्वकर्मा बताते है कि 5 वर्ष की उम्र के बच्चे का आधार कार्ड बनाया जाता है। यदि किसी बच्चे या व्यक्ति के हाथ में 6 उंगलिया होती है तो मुख्य दस उंगलियों को ही स्कैन करते है। आधार के लिए पहले लेफ्ट हैंड की चार उंगलियों को स्कैन किया जाता है, इसके बाद राईट हैंड की चार उगलियां स्कैन करते है। फिर एक साथ दोनों हाथों को अंगूठे स्कैन किए जाते है। यदि किसी के अंगूठे या कनिष्का उंगली के साइड से दूसरी उंगली या अंगूठा होता है तो मुख्य उंगली या अंगूठे को ही स्कैन किया जाता है। बहरहाल जिले में 24 उंगलियों वाले इस बच्चे के जन्म से कौतूहल है। परिवार के लोग भी हैरत में है और आरके मेमोरियल हास्पीटल में डॉक्टर एवं स्टाफ इसलिए खुश है कि उनके हास्पीटल में इस तरह के अनोखे बच्चे का जन्म हुआ।

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