PARIDHI GOSSIP चटकारा…ढाई करोड़ का
चटकारा ढाई करोड़ का..
हींग लगे न फिटकरी..!
✍️गौरी बालापुरे पदम
कारगिल चौक से लिंक रोड के किनारे सबसे ज्यादा चलने वाली चाय की दुकान, हां वही जिसके ग्राहक रात 11.30 बजे तक भी मेन रोड टच अपने दो पहिया वाहन पार्क रखते है।इसी दुकान पर दो भाई अपना गजब का एक्स्पीरियंस साझा कर रहे थे। रामदीन और श्यामदीन दोनों के नाम में दीन भले ही लगा है, लेकिन दोनों दीन थे नहीं..! रामदीन और श्यामदीन की उम्र में भी कोई डेढ़ साल का अंतर।जब छोटे भाई श्यामदीन ने रामदीन से कहा भैया सरकारी अस्पताल में ऑपरेशन कराने पांच चक्कर काट लिए डॉक्टर को फुर्सत ही नहीं है…तब बड़े भाई रामदीन बोला सुन छोटे तू एक महीने से चक्कर काट रहा है और मेरा ऑपरेशन हो भी गया। दोनों भाइयों की बातों में तीसरे ने दखल दिया..काहे रामदीन भैया चिचोली रोड पर ढाई करोड़ का प्लाट खरीदने वाले डॉक्टर को दिखाए थे का? बड़े भैया बोले ये तो पता नहीं पर डॉक्टर साहब भले आदमी है।आश्चर्य से देख श्यामदीन बोला भइया, कब, किते, कैसे, इतनी जल्दी ऑपरेशन ? फिर क्या रामदीन ने झट से फुसफुसा कर मंत्र छोटे को दे दिया।मंत्र इतना आसान की श्यामदीन तत्काल भैया की मोटरसाइकल पर बैठ के डॉक्टर के क्लिनिक पहुंचे। जैसे ही बैंच पर बैठे एक दवाई दुकान वाला आया और बोला अपनी सुविधा के हिसाब से ऑपरेशन कराना है और तो डॉक्टर साहब को 5 हजार रूपये फीस देना पड़ेगा और सरकारी हिसाब से ऑपरेशन कराना है तो कब नंबर लगेगा इसका ठिकाना कोई नहीं। श्यामदीन को दवाई दुकान वाले की बात जम गई तुरंत 5 हजार जमा कराए और अगले दिन ऑपरेशन हो भी गया। भाई तो मोटर साइकिल से क्लीनिक चले गए और ऑपरेशन भी हो गया पर चाय की दुकान पर ढाई करोड़ का प्लाट खरीदने वाले डॉक्टर की चर्चा तो उस दिन और जोर पकड़ गई। डॉक्टर साहेब की इनकम का हिसाब भी लोग उंगलियों पर लगाकर बोल रहे थे कि लिंक रोड के बड़े से बड़े डॉक्टर की सलाना इनकम उतनी नहीं है, जितनी सरकारी हॉस्पिटल के डॉक्टर साहब की है।पेशे से तो साहब की श्रीमती भी डॉक्टर है पर उनकी आय बचत खाते में जाती है। चाय की दुकान पर जमी चौपाल में एक के बाद एक खुलासे होते नजर आए। किसी ने कहा डॉक्टर साहब दिन में 11- 12 ऑपरेशन करते है और दिन का 50 हजार पीट लेते है।यदि सरकारी छुट्टी छोड़ दे और 4-5 दिन इधर उधर कर भी दे तो महीने का 10 लाख बस ऑपरेशन से ही आवक है। मरीज की फीस और दवाई में कमीशन मिलाकर 5 लाख अलग। सालाना आय देखे भी तो बस प्राइवेट की तर्ज पर सरकारी संसाधन का उपयोग करके करीब ढाई करोड़ की कमाई सीधे सीधे और हा सरकारी तनख्वाह तो नो टच ही रहती है सो अलग। इत्ते में एक भाई बोल पड़ा सुना है डॉक्टर साहब को सबसे ज्यादा ऑपरेशन का ईनाम भी मिला है।इसी बीच चाय की चौपाल पर किसी सज्जन की एक गंभीर बात ने सबकी बोलती बंद कर दी। कुछ साल पहले एक डॉक्टर साहब ने 3 हजार लिए थे मरीज से और जब इसकी जानकारी माननीय को लगी तो तुरंत कार्रवाई का डंडा घूम गया था…लंबी सांस लेकर सज्जन बोले अब वह दिन लद गए अब ऑपरेशन के नाम पर 5 हजार फिक्स है.. मुर्दे का उपचार ICU में करते है पर फिर भी सब चुप है।
