नसीराबाद चिचोली के किसान का सवाल.. ऐसे में किसान आत्महत्या नहीं करेगा तो क्या करेगा..?
➡️नसीराबाद चिचोली के किसान का सवाल.. ऐसे में किसान आत्महत्या नहीं करेगा तो क्या करेगा..?
➡️किसान अन्नदाता है भिखारी नहीं..!
परिधि न्यूज बैतूल

जिले के चिचोली क्षेत्र के नसीराबाद निवासी किसान राजकुमार उइके ने सोशल मीडिया के माध्यम से अपना दर्द और समस्या उजागर की है।हताश किसान ने कलेक्टर से गुहार लगाई है कि वह खाद के लिए परेशान हो गया है,,शासन की टोकन व्यवस्था से किसान इतना परेशान है कि आत्महत्या करने विवश हो सकता है।
यह लिखा है पोस्ट में
बैतूल जिला प्रशासन Collector Office Betul
महोदय जी से विनम्र हाथ जोड़ कर अनुरोध है कि चिचोली में किसानो को यूरिया खाद के लिए काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है अगर किसान जितने कि यूरिया नहीं है उससे ज्यादा आवागमन में खर्च आ जा रहा है और फिर भी निराश होकर घर लौट जाते है फिर पुनः दूसरे दिन आते है कि ई टोकन हो जाए और खाद मिल जाए किंतु दूसरे दिन भी निराश ही होकर घर चले जाते है किसान की समस्याओं के लिए प्रशासन भी मौन नजर आ रही है क्या किसानों के लिए न सरकार कुछ कर रही है ना प्रशासन तो । इस प्रकार की सरकार की घटिया नीति किसानों के ऊपर क्यों थोप रहे है प्रशासन को जवाब देना चाहिए जब देश का अन्नदाता परेशान होगा तो देश के विकास कार्य में बड़ा उत्पन्नों के देश विकास के कार्यों में कई साल पीछे चल जाएगा जिससे आने वाले भविष्य के युवाओं को भी आने को कठिनाइयों का सामना करना पड़ेगा शासन प्रशासन एवं देश में बैठे सरकार से एक ही अनुरोध है कि किसानों के लिए जो ई टॉक में टोकन फ्री प्रक्रिया बनाई गई है उसे सरलतापूर्वक किया जाए जिससे किसानों को बिना कोई परेशानी एवं कठिनाई यो के साथ उन्हें मुबारक खाद उपलब्ध हो सके।

यह अकेले राजकुमार उइके की समस्या नहीं है जिले भर में किसान इस समस्या से जूझ रहा है।