कराते खिलाडिय़ों ने दो घंटे धरना दिया और आधी जंग जीत ली
✓कराते खिलाडिय़ों ने दो घंटे धरना दिया और आधी जंग जीत ली
✓वैकल्पिक कोच की व्यवस्था, खुल गया क्लास का ताला
परिधि ग्राउंड रिपोर्ट 3


जिला मुख्यालय पर खेल विभाग द्वारा मेजर ध्यानचंद हॉकी स्टेडियम में संचालित नि:शुल्क कराते प्रशिक्षण केन्द्र पर 16 मार्च को डीएसओ पूजा कुरील द्वारा ताला लगा दिया था, जिससे आक्रोशित कराते खिलाडिय़ों ने 18 मार्च को कलेक्टर कार्यालय के मुख्य गेट के सामने धरना प्रदर्शन किया। कलेक्टर के नाम डिप्टी कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर खिलाडिय़ों ने तत्काल प्रशिक्षण केन्द्र का ताला खुलवाने एक डीएसओ के तबादले की मांग की। दो घंटे के धरने में खिलाडिय़ों ने आधी जंग उस वक्त जीतली जब डीएसओ को खुद कलेक्ट्रेट आकर 18 मार्च को शाम 4:30 बजे कराते क्लास का ताला खोलने का आश्वासन देना पड़ा। कराते खिलाडिय़ों एवं उनके अभिभावकों का कहना है कि डीएसओ हमेशा खेल और खिलाडिय़ों के बीच भेद-भाव करती है उन्हेें ऐसे अधिकारी नहीं चाहिए इसलिए तत्काल उनका तबादला किया जाना चाहिए।
कोच के तबादले से बिगड़े हालात
कराते खिलाडिय़ों ने कलेक्टर के नाम सौंपे ज्ञापन में बताया कि 16 मार्च को जिला खेल अधिकारी द्वारा उनकी क्लास पर ताला लगाकर उन्हें क्लास में बाहर दिया। जिले में कराते कोच महेन्द्र सोनकर द्वारा करीब 14 वर्षों से कराते प्रशिक्षण दिया जा रहा था। कराते कोच महेंद्र सोनकर बैतूल में अटैच है उनका स्थानांतरण जबलपुर किया गया है। कोच के जबलपुर जाने के बाद दूसरे दिन ही क्लास बंद कर दी गई। क्लास की पे्रटियों में किट भी एक सप्ताह पहले खेल अधिकारी ने रखवाकर उन पर ताला लगा दिया था। कराते खिलाडिय़ों ने बताया कि विभाग द्वारा उनके साथ हमेशा से ही दोहरा रवैया अपनाया जाता है। शासन द्वारा जिले में हॉकी और कराते दो खेलो के वर्षभर नि:शुल्क प्रशिक्षण के लिए मान्यता दी है, लेकिन कराते खिलाडिय़ों को के लिए न ही किट उपलब्ध कराई जाती है और न ही उन्हें ड्रेस दी जाती है। फटी ड्रेस और जीर्ण शीर्ण ग्लब्स में बच्चे आधी अधूरी किट के साथ प्रैक्टिस करते है। कोच के तबादले के बाद क्लास और किट पर ताला लगाने के बाद नाराज खिलाड़ी अपने अधिकार के लिए सडक़ पर उतरे। खिलाडिय़ों के विरोध प्रदर्शन के बाद डीएसओ ने क्लास का ताला खुलवा दिया एवं वैकल्पिक कोच की भी व्यवस्था है, लेकिन खिलाड़ी एवं अभिभावक संतुष्ट नहीं है।
यह है कराते खिलाडिय़ों की मांग
कराते खिलाडिय़ों ने तत्काल स्थाई कोच की व्यवस्था, खिलाडिय़ों के प्रति भेदभाव करने वाली जिला खेल अधिकारी का भी अन्यत्र स्थानांतरण किया जाने, प्रैक्टिस के लिए सुविधाजनक, हवादार और सुरक्षित स्थान एक सप्ताह के भीतर देने या वर्तमान में जिस हॉल में प्रैक्टिस कर रहे है उसमें पंखे, लाइट की पर्याप्त व्यवस्था करने। नियमानुसार कराते खिलाडिय़ों को किट उपलब्ध कराने, कराते और हॉकी खिलाडिय़ों के लिए पेयजल की व्यवस्था तथा आगामी ग्रीष्मकालीन शिविर का संचालन हमेशा की तरह किया जाना सुनिश्चित करने की मांग की है। कराते खिलाडिय़ों ने उपरोक्त मांग पूरी ना होने की स्थिति में आगे भी आंदोलन करने की चेतावनी दी है।
धरना खत्म करने के बाद एसपी एवं सांसद के नाम सौंपा ज्ञापन
कराते खिलाडिय़ों ने प्रशिक्षण केन्द्र का ताला खोलने का आश्वासन मिलने के बाद अपनी बाकी मांगों के लिए पुलिस अधीक्षक कार्यालय मेें एएसपी कमला जोशी को एसपी वीरेन्द्र जैन के नाम एवं सांसद डीडी उईके के नाम सांसद सुविधा केन्द्र में ज्ञापन सौंपा। खिलाडिय़ों एवं अभिभावकों का कहना है कि अभी सिर्फ आधी लड़ाई जीती है उन्हें आशंका है कि भविष्य में भी डीएसओ द्वारा खिलाडिय़ों को परेशान कर क्लास को बंद करने की कोशिश की जाएगी इसलिए वे जिले में एक निष्पक्ष खेल अधिकारी के लिए लड़ते रहेंगे।