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अचानक खेल विभाग ने जड़ दिया कराते क्लास पर ताला, खिलाड़ियों को अल्टीमेटम आज कर लो प्रैक्टिस, कल से अपना देख लो

✓एक सप्ताह पहले किट गिनकर डीएसओ ने पेटियों में रखवाई 
✓सोमवार को क्लास बंद करने पर अभिभावकों ने जताया विरोध तो पत्राचार करने का बना दिया बहाना
परिधि ग्राउंड रिपोर्ट पार्ट -1

एक तरफ बैतूल को खेलों की दृष्टि से प्रदेश में सिरमौर बनाने के सपने देखे जा रहे है और दूसरी तरफ कुछ खेलो की आबाद दुनिया को उजाड़ने की साजिश रची जा रही है। सोमवार को अचानक मेजर ध्यानचंद हॉकी स्टेडियम के जिस हॉल में कराते क्लास संचालित हो रही थी, उस पर ताला जड़ दिया गया और बच्चों को क्लास न आने का फरमान सुना दिया गया।करीब 4 दिन पहले कराते कोच महेंद्र सोनकर तबादला होने की वजह से जबलपुर जा चुके है, हालांकि अटैचमेंट अभी भी है। कोच के बैतूल से जाने के बाद से ही कराते खिलाड़ियों को द्वेष पूर्वक बाहर का रास्ता दिखा दिया गया है। जिला खेल एवं कल्याण विभाग अधिकारी पूजा कुरील के अल्टीमेटम के बाद सीनियर खिलाड़ियों ने क्लास को ताला लगाकर चाबी उन्हें सौंप दी और 5 से 18 वर्ष के खिलाड़ी बिना मैट,किट और सुरक्षा सामग्री के क्लास के बाहर प्रैक्टिस करने लगे।

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इन खिलाड़ियों को मंगलवार से क्लास न आने और जो लोग प्राइवेट कराते सिखाते है उनसे फीस देकर सीखने के लिए कहा जा रहा है।जब यह बाते खिलाड़ियों के अभिभावकों को पता चली तो उन्होंने जिला खेल अधिकारी से मिलकर बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ न करने का अनुरोध किया।अभिभावकों ने बताया कि डीएसओ इस विषय में उनसे बात करने भी तैयार नहीं है।
कराते खिलाड़ियों से छीन लिया मैदान और क्लास 

जानकारी के अनुसार कराते कोच के जबलपुर जाने की जानकारी पूरे विभाग को एक महीने पहले से थी।बावजूद इसके कोच को लेकर कोई वैकल्पिक व्यवस्था डीएसओ ने नहीं बनाई। अपितु क्लास को बंद करने की जो तत्परता उन्होंने दिखाई इससे यह कयास लगाए जा रहे है कि कराते और खिलाड़ियों के प्रति दुर्भावना रखते हुए जानबूझकर वैकल्पिक व्यवस्था के लिए प्रयास नहीं किए गए। खिलाड़ियों की मौजूदगी में डीएसओ पूजा कुरील ने कराते प्रशिक्षण में प्रयुक्त किट,सामग्री एक सप्ताह पहले ही पेटियों में रखवाकर ताला लगा दिया था। पिछले कुछ दिनों से खिलाड़ी बिना किट के ही प्रैक्टिस कर रहे थे।सोमवार को खिलाड़ियों को भी क्लास से बाहर निकलने और क्लास न आने का अल्टीमेटम सुना दिया गया।

कराते खिलाड़ियों के अभिभावकों ने जब खेल विभाग के कार्यालय पहुंचकर बच्चों के भविष्य के बारे में सवाल किए तो उन्हें भी कोई उचित जवाब न देकर लौटा दिया गया। अभिभावक बच्चों को लेने ग्राउंड पर आ गए उसके कुछ ही देर बाद ग्राउंड पर पहुंची डीएसओ ने आक्रोशित अभिभावकों से वरिष्ठ अधिकारियों से पत्राचार करने के लिए आश्वस्त किया।अभिभावकों का कहना है कि कराते को साजिश के तहत बंद किया जा रहा है।यदि डीएसओ चाहती तो एक महीने में भी पत्राचार कर सकती थी, लेकिन उनका पूरा ध्यान विकल्प खोजने की बजाय क्लास पर ताला जड़ने पर था।

इनका कहना…

कोच की व्यवस्था नहीं होने की वजह से क्लास बंद की है।जल्द व्यवस्था बनाने के लिए वरिष्ठ अधिकरियों से मार्गदर्शन लिया जाएगा।

पूजा कुरील, डी एस ओ बैतूल

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